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रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बेहद मानवीय और भावुक पहल की है। बुधवार को रिम्स शासी निकाय की 64वीं बैठक के बाद जारी एक बयान में उन्होंने रिम्स-2 (राजेंद्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान-द्वितीय) के निर्माण को लेकर हो रही राजनीति पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। मंत्री ने विपक्ष और सभी राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर अपील की कि वे इस प्रोजेक्ट को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं।
मरीजों का बढ़ता दबाव और रिम्स-2 की जरूरत
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में रिम्स पर मरीजों का दबाव इतिहास में सबसे अधिक है। हजारों की संख्या में लोग सरकारी व्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं। ऐसे में रोगी प्रवाह प्रबंधन (Patient Flow Management) को सुदृढ़ करने के लिए रिम्स-2 का निर्माण अनिवार्य हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं है, न ही मेरी किसी की जमीन पर नजर है। मेरी केवल एक ही मंशा है कि पैसे की कमी के कारण किसी झारखंडी का इलाज न रुके।”
दूसरे राज्यों में इलाज की मजबूरी पर छलका दर्द
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक कड़वी सच्चाई को बयां करते हुए कहा कि आज भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हमारे राज्य के लोगों को बाहर जाना पड़ता है। वहां न केवल भारी आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि कई बार लोग अपनों को बचा नहीं पाते। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “कितनी दुखद स्थिति है कि परिजनों को अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार भी दूसरे राज्यों में करना पड़ता है। मैं चाहता हूँ कि विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टर झारखंड में ही उपलब्ध हों।”
सुधार के लिए ठोस रणनीति
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रिम्स में डॉक्टरों की नई बहाली, पैथोलॉजी लैब का सुदृढ़ीकरण और नर्सिंग स्टाफ की सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी। रिम्स-2 के निर्माण से न केवल 2600 बेड की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का केंद्र बनेगा। मंत्री ने अंत में फिर दोहराया कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय को राजनीति की भेंट न चढ़ाया जाए ताकि लाखों लोगों की जान बचाई जा सके।

