India News: कोलकाता आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की पीड़िता के पिता ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नवान्न अभियान के दौरान उनकी पत्नी पर पुलिस ने जानलेवा हमला किया। उन्होंने ईमेल के माध्यम से शेक्सपियर सरणी थाने में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पिता के अनुसार, यह हमला न केवल पूर्वनियोजित था, बल्कि इसका मकसद उनकी पत्नी को गंभीर रूप से घायल करना था।

पिता ने अपनी शिकायत में बताया कि ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ निकाले गए विरोध मार्च के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनकी पत्नी के सिर और पीठ पर लाठी से वार किया। इस हमले में उनकी पत्नी घायल हो गईं और उनके हाथ का शंख भी टूट गया। उन्होंने कहा कि यह हमला इतना जोरदार था कि उनकी पत्नी की जान भी जा सकती थी।

घटना के बाद उन्हें ईएम बाइपास के पास एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें ‘सिर की चोट’ (हेड ट्रॉमा) का शिकार बताया। वर्तमान में वह घर पर हैं, लेकिन अब भी सिर दर्द और अन्य दिक्कतों से जूझ रही हैं। पिता ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर मामले की पूरी जांच करने की मांग की है।

पुलिस की प्रतिक्रिया
मंगलवार को कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़िता के पिता की ईमेल शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस शिकायत पर एफआईआर दर्ज की जाएगी या नहीं।

इससे पहले, कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने कहा था कि पीड़िता की मां को लगी चोट दुर्भाग्यपूर्ण है और यदि वह चाहें तो शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि पुलिस स्वयं भी इस मामले की जांच कर रही है।

नवान्न अभियान के दौरान हुई घटनाएं
शनिवार को हुए नवान्न अभियान के दौरान कई हिंसक घटनाएं सामने आईं। लालबाजार ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आंदोलनकारियों ने कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया और रानी राशमणि एवेन्यू के बजाय पार्क स्ट्रीट की ओर बढ़ गए।

पुलिस ने आरोप लगाया कि इस दौरान एक राजनीतिक दल के राखी स्टॉल में तोड़फोड़ की गई, हाकर यूनियन के कार्यालय को नुकसान पहुंचाया गया, एक पुलिसकर्मी पर हमला किया गया, एक पत्रकार का कैमरा तोड़ा गया और उसे रोका गया। इन घटनाओं के संबंध में कुल पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं—चार न्यू मार्केट थाने में और एक हषर स्ट्रीट थाने में।

मामले में दर्ज धाराएं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित पीडीपीपी एक्ट की धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने आरोपितों में शामिल राजनीतिक दल का नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है।

पीड़िता परिवार की मांग
पीड़िता के पिता का कहना है कि यह हमला किसी आकस्मिक झड़प का परिणाम नहीं, बल्कि योजनाबद्ध था। उनका आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनकी पत्नी को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यदि तुरंत न्याय नहीं मिला, तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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