जोधपुर : भारत-पाक तनाव और पहलगाम आतंकी हमले के बाद राजस्थान का जोधपुर शहर हाई अलर्ट पर आ गया है। शनिवार सुबह प्रशासन ने जोधपुर को रेड अलर्ट जोन घोषित कर दिया, जिसके तुरंत बाद शहर के सभी बाजार, प्रतिष्ठान और सार्वजनिक स्थान बंद कर दिए गए। महज एक घंटे के भीतर शहर में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घर में सुरक्षित रहें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।
जिला कलेक्टर एवं नागरिक सुरक्षा नियंत्रक गौरव अग्रवाल ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए रात्रिकालीन ब्लैक आउट पहले ही लागू है और अब रेड अलर्ट के तहत सभी समारोह, आयोजन और सार्वजनिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समूह में एकत्र न हों और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जैसे ही रेड अलर्ट की घोषणा हुई, बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। घंटाघर, त्रिपोलिया, खांडाफलसा, सरदारपुरा, प्रतापनगर, शास्त्रीनगर जैसे प्रमुख बाजार कुछ ही समय में पूरी तरह बंद हो गए। शहर के बाहरी इलाकों में भी प्रशासन की गाड़ियों द्वारा प्रसार कर दुकानों को बंद कराया गया।
बाजार बंद होने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ पेट्रोल पंप और किराना दुकानों पर उमड़ पड़ी। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, वहीं किराना दुकानों पर आवश्यक वस्तुएं खरीदने के लिए होड़ मच गई। रोडवेज और प्राइवेट बसों में ग्रामीण लोग अपने-अपने घरों को लौटने लगे, यहां तक कि कई यात्री बसों की छतों पर बैठकर रवाना हुए।
दोपहर करीब 12 बजे शहर में सायरन बजने लगे, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की हिदायत दी गई। पुलिस द्वारा पूरे शहर में गश्त बढ़ा दी गई है। वहीं, ऑटो चालकों द्वारा किराया मनमाने ढंग से वसूला गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जोधपुर के साथ ही जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी नागरिक संयम और सावधानी बरतें, अफवाहों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें।



