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Jharkhand News: बोकारो जिले में सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की समीक्षा और उनका पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया और उपायुक्त ने सभी से आपसी समन्वय बनाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का आह्वान किया।
राशन कार्डधारियों की होगी कड़ी जांच
बैठक की सबसे अहम बात थी अयोग्य राशन कार्डधारियों की पहचान और उनका कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे लाभुक जो आयकरदाता हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है, तीन कमरों का पक्का मकान या 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है—उनका डाटा तीन दिनों के अंदर संबंधित विभाग आपूर्ति विभाग को सौंपें।
इसके साथ ही उपायुक्त ने अयोग्य लाभुकों से खुद आगे आकर राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की, ताकि सही लाभुकों को उनका हक मिल सके।
प्रमाण पत्रों में पारदर्शिता जरूरी
उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि आय प्रमाण पत्र बिना सत्यापन के जारी न करें। फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड अधिकारियों के भ्रमण की मॉनिटरिंग
सभी फील्ड पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने भ्रमण की जानकारी लॉग बुक में दर्ज करें और समय-समय पर उसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजें। इससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी।
बच्चों के नामांकन पर विशेष अभियान
शिक्षा और समाज कल्याण विभाग को निर्देश मिला कि वे एक महीने के भीतर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का निकटतम विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन कराएं। इसकी निगरानी उप विकास आयुक्त (डीडीसी) करेंगे।
पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
पशुपालन विभाग और जेएसएलपीएस को निर्देश दिया गया कि पशुपालकों के लिए समूह और क्लस्टर बनाएं ताकि वे बैंक से ऋण लेकर अपनी आजीविका बढ़ा सकें। सभी लाभुकों के लिए बैंक खाते खोलने और उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से जोड़ने पर बल दिया गया। साथ ही, दीदियों के लिए बैंक काउंटर खोलने की दिशा में एलडीएम से कार्रवाई की जानकारी ली गई।
पेंशन योजनाओं में डाटा सुधार और हेल्प डेस्क का संचालन
सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन योजना आदि में लंबित डाटा त्रुटियों को 15 अगस्त तक सुधारने का निर्देश दिया गया। इसके लिए प्रखंड और जिला स्तर पर हेल्प डेस्क सेंटर की स्थापना की जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों की बुनियादी सुविधाएं होंगी बेहतर
जिले में 715 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम केंद्रों में बदला जाएगा। इसके लिए अंचलाधिकारियों को जल्द से जल्द भूमि चिन्हित करने और पेयजल, शौचालय, बिजली, वॉश बेसिन जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
निर्माणाधीन भवनों और योजनाओं का होगा त्वरित समाधान
कसमार प्रखंड में नव-निर्मित पंचायत भवनों का त्वरित हस्तांतरण, जरीडीह में लंबित योजनाओं का समाधान और मनरेगा कर्मियों के ईपीएफ मुद्दों का शीघ्र निपटारा करने का आदेश दिया गया। साथ ही जल छाजन योजना के तहत चयनित स्थलों की सूची बीडीओ को सौंपने को कहा गया।
उपायुक्त ने अंत में सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन करें ताकि योजनाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में वृद्धि हो सके और लाभुकों को समय पर लाभ मिले।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी:
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, डीपीएलआर मेनका, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, अनुमंडल पदाधिकारी चास सुश्री प्रांजल ढ़ांडा, अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो मुकेश मछुआ सहित कई अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

