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रांची/नई दिल्ली: तकनीकी दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में रांंची के लाल मेजर विनीत कुमार ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में साइबर पीस के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसिडेंट मेजर विनीत ने ‘रिस्पॉन्सिबल एआई एट स्केल’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सत्र का संचालन और नेतृत्व किया।
AI की रफ़्तार से ज़्यादा सुरक्षा ज़रूरी
रांची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मेजर विनीत कुमार ने कहा कि आज की दुनिया में असली चुनौती एआई को तेज़ी से अपनाना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित, निष्पक्ष और जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई को हमारे लोकतंत्र और संस्थानों को मज़बूत करना चाहिए, न कि उन्हें किसी भी तरह का नुकसान पहुँचाना चाहिए।
साइबर पीस ने साझा किया सुरक्षा का ब्लूप्रिंट
साइबर पीस की ओर से आयोजित इस विशेष सत्र में सरकार, टेक दिग्गजों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान मेजर विनीत ने डीपफेक (Deepfake), ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर हमलों और एआई सिस्टम में मौजूद पक्षपात (Bias) जैसे उभरते खतरों पर विस्तार से जानकारी साझा की। सत्र में यह निष्कर्ष निकला कि एआई सिस्टम में सुरक्षा और ईमानदारी को शुरुआत से ही शामिल किया जाना चाहिए, न कि उसे बाद में जोड़ने की कोशिश की जाए।
रांची की प्रतिभा का वैश्विक प्रभाव
मेजर विनीत कुमार ने ज़ोर देकर कहा कि समावेशी एआई सिस्टम तैयार करने के लिए सरकार, उद्योग और सिविल सोसाइटी के बीच एक मजबूत पुल की ज़रूरत है। उन्होंने डिजिटल हाइजीन और कुशल पेशेवरों को तैयार करने पर भी बल दिया। रांची की मिट्टी से निकलकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना यह साबित करता है कि क्षेत्रीय प्रतिभाएं भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

