Ranchi News: राजधानी रांची से बुधवार सुबह अपहृत की गई स्कूली छात्रा को पुलिस ने कुछ ही घंटों में सकुशल बरामद कर लिया है। छात्रा को रामगढ़ जिले के कुजू थाना क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया। इस दौरान अपराधी उसे चलती कार से सड़क पर फेंक कर भाग निकले।
रांची के एसएसपी सह डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छात्रा बिल्कुल सुरक्षित है और उसे रांची लाया जा रहा है।
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि रांची पुलिस से छात्रा के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पूरे रामगढ़ जिले में नाकेबंदी कर दी गई थी। सभी थानों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया। उसी दौरान कुजू और मांडू के बीच एक कार संदिग्ध तरीके से 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भागती हुई दिखाई दी।
पुलिस ने किया फिल्मी अंदाज़ में पीछा
मांडू थाना प्रभारी सदानंद ने तुरंत कार का पीछा शुरू किया। अपराधियों ने कार की गति और बढ़ा दी। पुलिस की एक टीम ने सामने से घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाके में गाड़ी दौड़ाते रहे। इस बीच पुलिस ने अपराधियों की कार में टक्कर मारने की भी कोशिश की।
थाना प्रभारी सदानंद ने जब कार की पिछली सीट पर छात्रा को बंधक देखा, तो उन्होंने गोली नहीं चलाई, ताकि बच्ची को नुकसान न पहुंचे। इसी दौरान अपराधी घबरा गए और छात्रा को कुजू के पास एक बैंक के सामने सड़क पर फेंककर फरार हो गए।
पुलिस अब अपराधियों की पहचान और तलाश में जुटी है। बताया गया है कि आरोपी मास्क पहनकर आए थे और एक सुनियोजित साजिश के तहत छात्रा का अपहरण किया गया था। हजारीबाग पुलिस भी इस जांच में सहयोग कर रही है।
झारखंड पैरेंट्स एसोसिएशन ने जताई चिंता
छात्रा अपहरण की घटना पर झारखंड पैरेंट्स एसोसिएशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि दिनदहाड़े स्कूल जा रही छात्रा का अपहरण रांची की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि अगर राजधानी में बच्चों की सुरक्षा की यह स्थिति है, तो राज्य के अन्य हिस्सों में हालात की कल्पना की जा सकती है। राय ने स्कूल मार्गों पर विशेष पुलिस पेट्रोलिंग और हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी निगरानी की मांग की है।
अजय राय ने रांची पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि कोई अपराधी दोबारा ऐसी घटना करने से पहले कई बार सोचें।



