Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में नगर निकाय चुनाव 2026 की घोषणा होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। गलियों से लेकर चौराहों तक अब सिर्फ भावी प्रत्याशियों की चर्चा है। रांची के कुल 53 वार्डों में इस बार चुनावी घमासान देखने को मिलेगा, जहाँ मतदाता अपने शहर की सरकार चुनेंगे। प्रशासन ने भी कमर कस ली है और निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
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चुनाव का बजट: मेयर और पार्षद कितना कर सकेंगे खर्च?
प्रत्याशियों के लिए इस बार अपनी जेब ढीली करने की भी एक सीमा तय कर दी गई है। चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक, 2011 की जनगणना के आधार पर जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख से अधिक है (जैसे रांची), वहां मेयर पद के प्रत्याशी अधिकतम 25 लाख रुपये और वार्ड पार्षद 5 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। वहीं, 10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में मेयर के लिए 15 लाख और पार्षद के लिए 3 लाख की सीमा तय की गई है। यह नियम प्रत्याशियों के बीच फिजूलखर्ची रोकने और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
इन 9 नगर निगमों में मचेगा चुनावी शोर
झारखंड के विकास की कमान इस बार 9 बड़े नगर निगमों के हाथ में होगी। रांची के साथ-साथ मेदिनीनगर, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, धनबाद, चास, आदित्यपुर और मानगो में चुनावी शोर सुनाई देगा। इन क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है और डोर-टू-डोर कैंपेन के जरिए जनता को लुभाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
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