रांची: जम्मू-कश्मीर की बर्फीली वादियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले रांची के वीर सपूत अजय लकड़ा का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात विमान से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शहीद का शरीर बाहर आया, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। माहौल गमगीन जरूर था, लेकिन अपने इस वीर की बहादुरी पर झारखंड के सीने में गर्व की धमक साफ महसूस की जा रही थी।
डोडा की वो दर्दनाक घटना: यह हादसा गुरुवार को उस वक्त हुआ जब जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का एक बुलेटप्रूफ वाहन गश्त पर था। आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में अजय लकड़ा समेत देश के 10 जांबाज जवानों ने अपनी जान गंवा दी।
प्रेरणा बनेगा बलिदान: रांची के लाल अजय लकड़ा की शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि झारखंड की मिट्टी वीरों की जननी है। शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास ले जाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी वीरता और मातृभूमि के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। आज पूरा राज्य अपने इस सपूत को याद करते हुए मौन रहकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहा है।



