Ranchi : बनहोरा स्थित टाना भगत अतिथि गृह में सोमवार को पादा पड़हा की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आदिवासी समाज की प्राचीन पड़हा व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित करना था। डॉ. नारायण भगत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से चुनाव कर नई समिति का गठन किया गया।
बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, राजू उरांव को बेल, जनार्दन टाना भगत को देवान, जयराम उरांव को उप देवान, एतवा उरांव को रकम उर्वश, सुरेश टाना भगत को उप रकम उर्वश, जगरनाथ भगत को कहतो, सुकरू उरांव को उप कहतो, इन्द्रदेव उरांव को कोटवार और पवित्रा टाना भगत को पंच चुना गया। वहीं, विशेष सलाहकार समिति का अध्यक्ष विश्वनाथ उरांव को बनाया गया।
राजी देवान बसंत कुमार भगत ने जानकारी दी कि सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह 28 सितंबर को गुमला जिले के चिंगरी की पावन भूमि पर आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्र होंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रानी सिनगी दई महिला संगठन झारखंड की राज्य स्तरीय समिति का गठन 25 सितंबर को किया जाएगा। इस संगठन का उद्देश्य आदिवासी महिलाओं को संगठित करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
बैठक में मुख्य रूप से रानी सिनगी दई महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सतमनी भगत, द्रौपदी भगत, अंजना भगत, पुष्पा उरांव, फौदा उरांव, देवराम उरांव, राजबेल उरांव, महेन्द्र टाना भगत, चूंया कुजूर, कुलदीप खलखो, सुदर्शन भगत, सोनो मिंज, गौरी उरांव, ललित उरांव, रामजीत टाना भगत, पवन टाना भगत, अमित भगत, फिरू भगत, कार्तिक लोहरा, राजू लोहरा और लोहरा उरांव समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
बैठक में उपस्थित सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पड़हा व्यवस्था केवल संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और उसकी परंपराओं को जीवित रखने का एक माध्यम भी है। नई समिति से उम्मीद जताई गई कि यह व्यवस्था को और सशक्त बनाएगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगी।



