गुमला/चैनपुर :चैनपुर प्रखंड में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के लिए रखा गया अनाज रखरखाव की कमी और जर्जर भंडारण सुविधाओं के अभाव में लगातार खराब हो रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि उन जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाला महत्वपूर्ण राशन, जो गरीबी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे हैं, समय पर और सही गुणवत्ता में नहीं मिल पा रहा है। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है।जानकारी के अनुसार, पीवीटीजी परिवारों को मिलने वाला यह महत्वपूर्ण राशन एक अत्यंत जर्जर भवन में रखा जा रहा है। भवन की खराब स्थिति के कारण अनाज के खराब होने का खतरा लगातार बना हुआ है। न केवल इमारत की जर्जर स्थिति बल्कि उचित भंडारण सुविधाओं जैसे नमी से बचाव और कीट नियंत्रण का अभाव भी इस बर्बादी का एक मुख्य कारण है। अनाज को खुले में रखने या अपर्याप्त सुरक्षा के कारण उसमें नमी लग रही है और कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे वह उपभोग के लायक नहीं रह जा रहा है।इस गंभीर स्थिति का सीधा असर पीवीटीजी समुदाय के लोगों पर पड़ रहा है। उन्हें समय पर और सही गुणवत्ता वाला अनाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी पोषण सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। यह स्थिति सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी गंभीर सवाल उठाती है, जिनका मुख्य उद्देश्य इन हाशिए पर पड़े समुदायों का उत्थान करना और उन्हें खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है।

जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने इस पूरे मामले पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस अनाज को सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए, वह लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण बर्बाद हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि तुरंत उचित भंडारण सुविधाओं का इंतजाम किया जाए, जर्जर भवन की मरम्मत कराई जाए या अनाज को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि पीवीटीजी परिवारों को उनका हक मिल सके और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक सही मायने में पहुंच सके।

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