Chatra : झारखंड के चतरा जिले में रंगदारी और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता, क्रशर व्यवसायी, समाजसेवी और पूर्व मुखिया प्रेम सिंह को कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के नाम पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगा है। इस संबंध में प्रेम सिंह ने हंटरगंज थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

थाना को दिए आवेदन में प्रेम सिंह ने बताया कि वे ग्राम पिंडरा कला, थाना हंटरगंज, जिला चतरा के निवासी हैं। दिनांक 11 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 13:24 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर (+971545920432) से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को प्रिंस खान बताते हुए पहले व्हाट्सएप पर धमकी भरा वॉयस रिकॉर्डिंग और उसके बाद कुछ यूट्यूब वीडियो भेजे।

प्रेम सिंह के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे दो करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। पैसे नहीं देने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि वह दुबई से बात कर रहा है और गूगल पर उनका नाम सर्च कर लेने की बात कही। साथ ही उसने पुलिस, एसपी, डीआईजी और डीजी तक शिकायत करने पर भी परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि धमकी देने वाले ने व्यक्तिगत स्तर पर भय पैदा करने की कोशिश की और कहा कि “तुम्हारे बेटे की अभी शादी हुई है, लेकिन तुम अपने पोते का मुंह नहीं देख पाओगे।” इसके बाद उसी दिन शाम करीब 16:13 बजे दोबारा व्हाट्सएप कॉल कर फिर से रंगदारी की मांग दोहराई गई और पैसे नहीं देने पर हत्या की धमकी दी गई।

प्रेम सिंह

इस घटना के बाद प्रेम सिंह और उनका पूरा परिवार गहरे भय और मानसिक तनाव में है। उन्होंने आशंका जताई है कि धमकी देने वाला व्यक्ति कभी भी उनके साथ किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है। आवेदन में उन्होंने यह भी कहा है कि पूरे प्रकरण से स्पष्ट है कि यह संगठित अपराध और रंगदारी का मामला है।

प्रेम सिंह ने पुलिस को धमकी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग, यूट्यूब वीडियो और मोबाइल स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में सौंपे हैं। उन्होंने हंटरगंज थाना प्रभारी से अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के धारक के खिलाफ त्वरित जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साइबर सेल की मदद से कॉल और व्हाट्सएप नंबर की जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।

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