गुमला/चैनपुर-: चैनपुर प्रखंड के टिंगटांगर गांव में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी रथ मेला को लेकर तैयारी जोरों पर है। समिति के सदस्य जोर शोर से तैयारी में जुटे हुए हैं। रथ बनाने को अभियंती में रूप दिया जा रहा है शुक्रवार को रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसका इंतजार लोगों को बेसब्री से है। चैनपुर के टिंगटांगर रथ मेला का इतिहास 200 वर्ष पुराना है। गांव के बुजुर्ग मदन सिंह ने बताया कि उनके परदादा के परदादा नन्हू दुखरन सिंह ने आज से 200 वर्ष पहले रथ मेला की शुरुआत की थी। तब से लेकर आज तक यह मेला निरंतर आयोजित किया जा रहा है। मदन सिंह ने बताया कि पहले टिंगटांगर गांव का नाम गड़तोली था, लेकिन बाद में गांव का नाम टिंगटांगर पड़ गया इसके बाद से टिंगटांगर रथ में लेकर नाम से जाना जाता है। आज भी यह मेला गांव की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।



