New Delhi: होली का हुड़दंग खत्म हो चुका है, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है। त्योहार के दौरान हमने जमकर गुजिया, दही-भल्ले और तली-भुनी चीजें खाई हैं, जिसे आयुर्वेद में ‘विरुद्ध आहार’ कहा जाता है। ऊपर से केमिकल वाले रंगों ने त्वचा और शरीर को सुस्त बना दिया है। अगर आप भी होली के बाद थकान और भारीपन महसूस कर रहे हैं, तो वक्त आ गया है कि आप अपने शरीर को ‘रीसेट’ मोड पर डालें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार, शरीर को डिटॉक्स करने के लिए आपको बहुत कुछ खास नहीं करना है, बस अपनी दिनचर्या में ये 4 बदलाव करने हैं:

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1. नीम से करें शुरुआत: सुबह उठते ही सबसे पहले नीम की दातुन करें। नीम का कड़वा रस न केवल आपके रक्त को शुद्ध करेगा, बल्कि आंतों में पनप रहे हानिकारक बैक्टीरिया को भी खत्म कर देगा। अगर नीम की लकड़ी न मिले, तो नीम पाउडर का सेवन भी किया जा सकता है। इसके तुरंत बाद थोड़ी देर नंगे पैर हरी घास पर चलें, इससे शरीर में नई ऊर्जा का संचार होगा।

2. जादुई ड्रिंक्स का सहारा: होली के रंग अनजाने में मुंह के जरिए पेट तक पहुँच जाते हैं। इन्हें बाहर निकालने के लिए दिनभर में नारियल पानी और हल्दी वाला पानी जरूर पिएं। हल्दी एक नेचुरल एंटी-सेप्टिक है जो अंदरूनी अंगों की सफाई (Internal Cleaning) में मदद करती है।

3. पेट को दें ‘वीकेंड’ मोड: ज्यादा ऑयली खाने के बाद आपके पाचन तंत्र को आराम की जरूरत है। इसलिए होली के अगले दिन भारी भोजन के बजाय केवल फलों का नाश्ता करें और हल्का खाना खाएं। इससे आपके अंगों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा।

4. तेल मालिश और रिलैक्सेशन: रंगों के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। रात को सोने से पहले नारियल तेल से पूरे शरीर की मालिश करें। यह न केवल त्वचा की जलन को शांत करेगा, बल्कि आपको गहरी नींद लेने में भी मदद करेगा, जिससे शरीर अंदर से रिकवर हो सके।

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इन आसान स्टेप्स को अपनाकर आप त्योहार की थकान को दूर कर फिर से एक्टिव हो सकते हैं।

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