India News: भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर उतरते ही 19 वर्षीय पूजा उर्फ सेजल जॉन ने ऐसा खुलासा किया जिसने पूरे मामले को उलटकर रख दिया। कैमरों के सामने उसने साफ कहा कि उसकी अमेरिकी दत्तक मां निर्दोष है और उसने जो भी आरोप वीडियो में लगाए थे- उत्पीड़न, खाना न देना, नींद से वंचित करना, जबरन धर्म परिवर्तन- सब पूरी तरह झूठ थे।
पूजा ने कहा, “मैंने सिर्फ भारत लौटने के लिए ऐसा किया था। मेरी दत्तक मां को तुरंत रिहा किया जाए, वह निर्दोष हैं। मेरी वजह से वे जेल में हैं और मैं उससे शर्मिंदा हूं।”
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
कुछ दिन पहले पूजा का एक भावुक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उसने दावा किया था कि अमेरिका में उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और उसकी जिंदगी खतरे में है। उसने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से गुहार लगाई थी कि उसे वापस लाया जाए।
वीडियो के बाद भारत सरकार हरकत में आई और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से पूजा को अमेरिका से ओडिशा वापस भेजा गया।
लेकिन भुवनेश्वर पहुंचते ही कहानी बदल गई- पूरी तरह।
बचपन से अमेरिका तक की यात्रा
पूजा की जिंदगी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है।
बचपन में वह ट्रेन में अकेली मिली थी। बालासोर के पास उसे बचाया गया और पहले नीलगिरि के बालिका गृह में रखा गया। बाद में वह चाइल्डलाइन के नाहरकांटा बाल गृह पहुंची।
वहीं 2018 में अमेरिका की एक महिला ने उसे गोद लिया। उसके बाद पूजा की नई जिंदगी शुरू हुई।
अमेरिका में रहकर उसने अपने पुराने मित्र अमर दास से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया। वही वीडियो वायरल करने वाला पहला व्यक्ति था।
अब पूजा ने उससे लेकर सभी परिचितों से माफी मांगी है।
प्रेम और वीज़ा- मामले की असली वजह
पूजा ने स्वीकार किया कि झूठ बोलने की दो वजहें थीं।
पहली- वह ओडिशा के बालासोर के एक युवक से प्रेम करती थी और उसके पास लौटना चाहती थी।
दूसरी- उसका अमेरिकी वीज़ा 2023 में ही समाप्त हो गया था। वह अमेरिका में बिना वैध कागज़ के फंस गई थी।
उसने कहा- “मुझे लगा अगर मैं गंभीर आरोप लगा दूंगी तो भारत सरकार मुझे तुरंत बुला लेगी। उसी सोच में मैं अपनी ही मां को फंसा बैठी।”
दत्तक मां पर संकट, सरकार कर रही मदद
झूठे आरोपों के बाद अमेरिकी दत्तक मां पर कानूनी कार्रवाई हो गई है। पूजा लगातार अपील कर रही है कि उन्हें रिहा किया जाए।
ओडिशा सरकार ने कहा है कि पूजा को सुरक्षा, काउंसलिंग और आगे की पढ़ाई-रोजगार में सहायता दी जाएगी।



