रांची: राजधानी में बढ़ते अपराध और हालिया हत्या की वारदातों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और पुलिस की सुस्ती दूर करने के लिए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन खुद एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार की देर रात, करीब 2 बजे जब शहर सो रहा था, तब एसएसपी खुद सड़कों पर उतरे और सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।

रात 2 बजे औचक निरीक्षण और बड़ी कार्रवाई

एसएसपी राकेश रंजन ने शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों का दौरा किया और वहां तैनात पीसीआर (PCR) व हाईवे पेट्रोलिंग टीमों की मुस्तैदी जांची। निरीक्षण के दौरान पीसीआर-2 में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) दिलीप रजक को अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाह पाया गया। एसएसपी ने इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए एएसआई दिलीप रजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से रात की गश्त में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।

अपराध की बढ़ती घटनाओं से कड़ा रुख

राजधानी में पिछले कुछ दिनों के भीतर हुई आपराधिक घटनाओं ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। कांके में जमीन विवाद को लेकर पाहन राजेंद्र मुंडा की हत्या, तमाड़ में धारदार हथियार से युवक का कत्ल और एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के एक होटल में घुसकर संचालक के भाई की गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं ने पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है। इन गंभीर मामलों को देखते हुए एसएसपी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

लापरवाही पर ‘जीरो टॉलरेंस’

मौके पर मौजूद अधिकारियों और जवानों को कड़े निर्देश देते हुए एसएसपी ने कहा कि रात की गश्त केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा का कवच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की कोताही या सो जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिसकर्मियों को पूरी सजगता के साथ पेट्रोलिंग करने और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया। एसएसपी ने साफ किया कि सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

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