India News: देश के कई राज्यों में मूसलधार बारिश ने इस साल भीषण तबाही मचाई है। पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। कहीं भूस्खलन से गांव उजड़ रहे हैं तो कहीं बाढ़ का पानी घरों और खेतों को डुबो चुका है। इस आपदा में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी खुद हालात का जायजा लेने वाले हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद प्रभावित राज्यों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हो सकता है। इससे पहले भी पीएम मोदी ने “मन की बात” कार्यक्रम में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान पर दुख जताया था और भरोसा दिलाया था कि केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी।
जम्मू में बाढ़ और भूस्खलन ने कई गांवों को तबाह कर दिया है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। पंजाब के रोपड़, होशियारपुर और फिरोजपुर जिलों में नदियों के उफान से हालत बिगड़े हुए हैं। वहीं हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और पानीपत में खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। किसानों की हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश में तबाही सबसे ज्यादा है। मंडी, कांगड़ा, शिमला और कुल्लू जिलों में सैकड़ों मकान ढह चुके हैं। सड़कों का जाल टूट गया है, कई गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। शिमला और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर होटल खाली पड़े हैं और हजारों पर्यटक समय से पहले लौट चुके हैं। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे दशकों की सबसे बड़ी आपदा करार देते हुए केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है।



