India News: सोशल मीडिया पर चल रहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एक वीडियो पूरी तरह फेक निकला है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स इस वीडियो को यह दावा करते हुए शेयर कर रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राफेल विमान के प्रचार के लिए राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन पीआईबी फैक्ट चेक ने बुधवार को इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। संस्थान ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए बताया कि यह वीडियो एआई द्वारा जनरेट किया गया है और इसे जनता को गुमराह करने के लिए बनाया गया है।
फेक वीडियो में झूठे दावे, आवाज भी बदली गई
इस फर्जी वीडियो में राष्ट्रपति मुर्मू की आवाज की नकल करते हुए एक नकली बयान सुनाई देता है, जिसमें कहा गया है कि मोदी सरकार ने उन्हें राफेल से जुड़ा प्रचार करने के लिए “ब्लैकमेल” किया। वीडियो में दिखाया गया यह बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है। पीआईबी ने कहा — “भारत के राष्ट्रपति ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। यह वीडियो पूरी तरह एआई से तैयार किया गया है।”
पीआईबी की चेतावनी- “शेयर करने से पहले सत्यापित करें”
पीआईबी फैक्ट चेक ने इस फेक क्लिप का असली, बिना एडिटेड वीडियो लिंक भी साझा किया। साथ ही लोगों से अपील की कि वे ऐसे एआई-जनरेटेड झूठे कंटेंट को न फैलाएं और किसी भी संदिग्ध पोस्ट को तुरंत आधिकारिक चैनलों पर रिपोर्ट करें।
यह पहली बार नहीं है जब एआई का इस्तेमाल कर गलत सूचना फैलाई गई है। कुछ दिन पहले भी पीआईबी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम से फैलाए गए एक फेक निवेश वीडियो का खुलासा किया था, जिसमें झूठा वादा किया गया था कि “24 घंटे में 60 हजार और महीने में 10 लाख रुपये” कमाए जा सकते हैं। पीआईबी ने फिर चेताया- “जल्दी अमीर बनने के झांसे में न आएं। सतर्क रहें, सत्यापित करें और तभी शेयर करें।”



