Patna News: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को जब 243 नवनिर्वाचित विधायकों ने विधिवत शपथ ली, तब तक सबकुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन सत्र खत्म होते-होते एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई खिचड़ी पकानी शुरू कर दी। नीतीश सरकार के मंत्री जमा खान को आरजेडी विधायक और दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब से कुछ यूं आत्मीयता दिखाते देखा गया कि लोग शपथ को भूलकर ‘रिश्तों’ की व्याख्या करने लगे।

नीतीश सरकार के मंत्री का ‘छोटा भाई’ प्रेम: शपथ से ज्यादा सुर्खियों में आया हाथ मिलाना!

शपथ के बाद बाहर निकलते समय जमा खान सीधे ओसामा की गाड़ी पर जा पहुंचे और बड़े गर्मजोशी से हाथ मिलाया। कैमरे चालू थे, माइक आगे बढ़े हुए थे, लेकिन माहौल ऐसा था जैसे किसी बरसों पुराने दोस्त से मुलाकात हो। फिर मंत्री जी ने तुरंत फरमान सुना दिया। “घर आइए… वह मेरे छोटे भाई की तरह हैं।”

अब बिहार की राजनीति में भाई-भतीजावाद नई बात नहीं, लेकिन यह भाई-प्रेम शपथ मंच से ज्यादा वायरल हो गया। मीडिया ने स्वाभाविक ही पूछा – मंत्री जी, अचानक इतना प्यार क्यों?” जवाब आया, “इसमें दिक्कत क्या है? विधायक हैं, छोटे भाई हैं, सब भाई हैं…”
सवाल यह है कि यदि सभी विधायक भाई हैं, तो ओसामा को ही इतना ‘विशेष स्नेह’ क्यों? राजनीतिक गलियारों में इस दृश्य को लेकर चर्चाओं का सिलसिला तेज है। कुछ लोग इसे राजनीतिक संकेत बता रहे हैं, कुछ इसे भावनात्मक क्षण कहकर टाल रहे हैं, जबकि आलोचक पूछ रहे हैं। “क्या यह नई शुरुआत है, या पुरानी यादों की वापसी?”

उधर, ओसामा ने अपनी पहली एंट्री में ही सुर्खियां बटोरीं। रघुनाथपुर सीट से जीतने के बाद उनका विधानसभा में पहला दिन वैसे भी खास था, लेकिन मंत्री की यह सार्वजनिक आत्मीयता उनकी जीत में एक नया ‘रंग’ भर गई। बहरहाल, शपथ ग्रहण तो खत्म हो गया, लेकिन सोशल मीडिया पर अब चर्चा यह है कि बिहार की राजनीति में रिश्तों का गणित बदल रहा है या सिर्फ भाई-भाई खेला जा रहा है।

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