India News: राजधानी दिल्ली में नए साल के जश्न और आगामी गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। शांति व्यवस्था को भंग करने की फिराक में बैठे अराजक तत्वों पर नकेल कसने के लिए साउथ-ईस्ट जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के तहत एक महा-अभियान चलाया है। इस व्यापक कार्रवाई में पुलिस ने एक साथ 285 आरोपियों को गिरफ्तार कर अपराध जगत में हड़कंप मचा दिया है। इसके साथ ही करीब 504 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
हथियारों का जखीरा और नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद
साउथ-ईस्ट जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष अभियान का मकसद इलाके से संगठित अपराध को जड़ से उखाड़ना है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 21 देशी पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस और 27 धारदार चाकू बरामद किए हैं। न केवल हथियार, बल्कि नशे के सौदागरों पर भी पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। टीम ने तस्करी के जाल को काटते हुए 12,258 क्वार्टर अवैध शराब और करीब 6 किलो गांजा जब्त किया है। इसके अलावा जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 2.30 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की गई है।
310 मोबाइल और 231 वाहन जब्त; घोषित बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर
तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने चोरी के 310 मोबाइल फोन, 231 दोपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन को अपने कब्जे में लिया है। इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने 116 ‘बैड कैरेक्टर’ (घोषित बदमाश) समेत कुल 1,306 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की है। 10 संपत्ति अपराधियों और 5 ऑटो-लिफ्टरों की गिरफ्तारी से चोरी की वारदातों में कमी आने की उम्मीद है।
पुलिस का कहना है कि राजधानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में लगातार मॉक ड्रिल की जा रही है। ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के जरिए यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ पुलिस की यह ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगी।



