रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में झारखंड के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कैबिनेट ने शिक्षा, बुनियादी ढांचे, पेंशन और कर्मचारी कल्याण से जुड़े दर्जनों प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इनमें पलामू के जिला मुख्यालय का नाम बदलने से लेकर राज्य भर में अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाने तक के निर्णय शामिल हैं।
डाल्टनगंज का नाम अब ‘मेदिनीनगर’
कैबिनेट ने पलामू जिले के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन और जिला मुख्यालय ‘डाल्टनगंज’ का नाम बदलकर “मेदिनीनगर” करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यह फैसला स्थानीय जनभावनाओं और ऐतिहासिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है। राजा मेदिनी राय के नाम पर अब इस शहर की आधिकारिक पहचान होगी।
शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े निवेश
राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
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अत्याधुनिक पुस्तकालय: राज्य के 23 जिलों में State-of-Art District Library का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक पुस्तकालय की क्षमता 800 सीटों की होगी। इसके लिए कुल 276.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
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बीआईटी सिंदरी का कायाकल्प: धनबाद के बी०आई०टी० सिन्दरी में 4 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना की जाएगी। अगले पांच वर्षों में इस पर लगभग 38.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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मानकी मुण्डा छात्रवृत्ति: इस छात्रवृत्ति योजना में संशोधन की स्वीकृति दी गई है, जिससे अधिक छात्र लाभान्वित हो सकेंगे।
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नये कॉलेज भवन: रांची के एसएस मेमोरियल कॉलेज (48.56 करोड़), चक्रधरपुर के जेएलएन कॉलेज (88.92 करोड़) और गोड्डा में नए महिला महाविद्यालय (69.57 करोड़) के भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
कर्मचारी कल्याण और पेंशन पर राहत
सरकारी सेवकों की शिकायतों के निपटारे और प्रमोशन के लिए कैबिनेट ने नई नियमावली को हरी झंडी दी है:
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पदोन्नति नियमावली 2026: राज्य सरकार के समूह ‘घ’ (Group D) से समूह ‘ग’ (Group C) में पदोन्नति के लिए सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली 2026 के गठन को मंजूरी मिली है।
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पेंशन का लाभ: कई न्यायालयों के आदेशों के आलोक में, दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करने वाली अवधि को नियमित सेवा में जोड़कर पेंशन देने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। विमला देवी (लातेहार), मन्नेलाल कामत (साहिबगंज) और हरिशंकर शर्मा (हुसैनाबाद) सहित कई अन्य कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा।
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चाइल्ड केयर लीव: शिशु देखभाल अवकाश के दौरान अब कर्मचारियों को छुट्टी वेतन (Leave Salary) की भी स्वीकृति दी गई है।
बुनियादी ढांचा और शासन
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जनगणना 2027: भारत की आगामी जनगणना के लिए राज्य और जिला स्तर पर तकनीकी कर्मियों और बहु-कार्य कर्मचारियों (MTS) की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की अनुमति दी गई है।
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ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (IDTR): जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के सहयोग से बनने वाले ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च संस्थान के लिए अतिरिक्त राशि और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
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ई-बैंक गारंटी: अब सरकारी निविदाओं और अनुबंधों में ‘ई-बैंक गारंटी’ (e-Bank Guarantee) के माध्यम से सुरक्षा निधि प्राप्त करने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
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एनसीसी कैडेट्स: प्रशिक्षण के दौरान एनसीसी कैडेटों के नाश्ता भत्ता (Snack Allowance) में वृद्धि की गई है।
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वीमेंस कॉलेज रांची: रांची वीमेंस कॉलेज (साइंस ब्लॉक) में एसटी छात्राओं के लिए 528 बेड के छात्रावास के स्थल परिवर्तन और निर्माण को मंजूरी दी गई है।
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हवाई सेवाएं: वीआईपी मूवमेंट के लिए रेडबर्ड एयरवेज से ली जा रही विमान सेवा को 6 माह के लिए विस्तारित किया गया है।
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पर्यटन: ‘Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025’ के गठन की स्वीकृति दी गई है, जिससे पर्यटन राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।
इन निर्णयों के माध्यम से हेमंत सरकार ने युवाओं, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों के बीच एक मजबूत पैठ बनाने की कोशिश की है। कैबिनेट के ये फैसले राज्य के शैक्षणिक और सामाजिक परिवेश में व्यापक बदलाव लाएंगे।



