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रांची: राजधानी में ऑटो चालकों ने अवैध वसूली और पार्किंग विवाद को लेकर हुंकार भर दी है। बुधवार को झारखंड प्रदेश सीएनजी ऑटो चालक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में चालकों ने लोक भवन के समीप धरना-प्रदर्शन किया। ऑटो चालकों का आरोप है कि शहर के विभिन्न इलाकों में पार्किंग के नाम पर सरेआम अवैध वसूली की जा रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
अवैध वसूली पर रोक और ‘वन नेशन-वन टोकन’ की मांग
प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सोनी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अरगोड़ा, आईटीआई, रातू रोड और एचईसी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पार्किंग के नाम पर चालकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। महासंघ ने मांग रखी कि पार्किंग शुल्क का निर्धारण ग्लोबल टेंडर के माध्यम से किया जाए।
चालकों की मुख्य मांग है कि पूरे नगर निगम क्षेत्र के लिए एक ही पार्किंग टोकन लागू हो, ताकि एक जगह शुल्क देने के बाद चालक को शहर के दूसरे हिस्से में दोबारा पैसे न देने पड़ें। इससे न केवल गरीब चालकों को राहत मिलेगी, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता आने से निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
5000 नए परमिट और ई-रिक्शा पास की मांग
धरना के माध्यम से संघ ने अपनी अन्य लंबित मांगों को भी दोहराया:
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नए परमिट: नगर निगम क्षेत्र में बढ़ती आबादी को देखते हुए 5000 अतिरिक्त ऑटो परमिट तत्काल जारी किए जाएं।
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ई-रिक्शा पास: शहर में संचालित हो रहे 3000 ई-रिक्शा के लिए आधिकारिक पास निर्गत किए जाएं।
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पुलिसिया कार्रवाई पर रोक: नई व्यवस्था लागू होने तक थाना स्तर पर होने वाली किसी भी प्रकार की वसूली या चालान पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शन के बाद संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रांची आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। इसकी प्रतियां नगर आयुक्त और यातायात एसपी को भी भेजी गई हैं। इस दौरान राकेश कुमार सिंह, अर्जुन यादव और भोला सिंह सहित भारी संख्या में चालक मौजूद रहे, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

