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Ranchi News: श्रावण मास की चौथी और अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर रांची, खूंटी और आसपास के क्षेत्रों में आस्था का अनोखा दृश्य देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शनों और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में उमड़ पड़े। पहाड़ी मंदिर, बाबा आम्रेश्वर धाम और नागेश्वर धाम समेत कई प्रसिद्ध शिवालयों में सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। ‘बोल बम’, ‘हर हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
पहाड़ी मंदिर में अल सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रांची के पहाड़ी मंदिर में सोमवारी की सुबह चार बजे जैसे ही पट खोले गए, भक्तों ने जलार्पण शुरू कर दिया। रविवार रात ही नामकुम के स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर कांवड़िए मंदिर की ओर पैदल रवाना हो चुके थे। पहाड़ी मंदिर के पास भक्तों की आवाजों से माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। भक्त शिवलिंग पर जल अर्पित कर अपने सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना कर रहे थे।
रांची के अन्य प्रमुख शिवालयों — कांके, कोकर, लालपुर, बूटी मोड़, बरियातू, चुटिया के सुरेश्वर धाम, किशोरगंज और हरमू जैसे इलाकों में भी भोलेनाथ की पूजा-अर्चना पूरे उत्साह के साथ की गई। आचार्य मनोज पांडेय के अनुसार, सावन की अंतिम सोमवारी को भगवान शिव की आराधना करने से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं और जीवन में सौभाग्य एवं समृद्धि आती है।
खूंटी में बाबा आम्रेश्वर धाम पर उमड़ा भक्तों का सैलाब
खूंटी स्थित बाबा आम्रेश्वर धाम में भी अंतिम सोमवारी पर अद्भुत नजारा देखने को मिला। रात से ही तजना नदी के तट पर स्नान और जल भरने के लिए भक्तों की भीड़ लगने लगी थी। कांवड़ लेकर भक्त रातभर पैदल चलकर बाबा के दरबार में पहुंचे। सुबह तीन बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही जलाभिषेक का क्रम आरंभ हो गया।
खूंटी, तोरपा, कर्रा, भरनो, बसिया, सिमडेगा और मुरहू जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु बाबा आम्रेश्वर धाम पहुंचे। भक्तों की लंबी कतारों को सुव्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति पूरी तरह सक्रिय रहा। मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम, CCTV कैमरे और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने परिसर में लगे श्रावणी मेले का भी आनंद लिया। बच्चों के लिए झूले और अन्य मनोरंजन की सुविधाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष लाल ज्ञानेंद्रनाथ शाहदेव, महामंत्री मनोज कुमार, सत्यजीत कुंडू समेत कई सदस्य पूरे दिन व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।
नागेश्वर धाम और अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का सैलाब
झारखंड के अन्य इलाकों में भी सावन की अंतिम सोमवारी पर शिव भक्तों का उत्साह चरम पर रहा। तोरपा के बाबा नागेश्वर धाम, महादेव मंडा, नामकों के बूचा महादेव, पिपराटोली शिवालय, जरिया महादेव टोली धाम, बिकुवादाग शिवालय समेत दर्जनों मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा जल, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से भगवान शिव का पूजन किया।
जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। महिला और पुरुष बलों के साथ दंडाधिकारी भी तैनात किए गए, जिससे कोई अव्यवस्था ना हो। शिवालयों के बाहर दुकानें, भंडारे और सहायता केंद्र भी लगे हुए थे।
भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम
झारखंड के शिव मंदिरों में सावन की अंतिम सोमवारी पर जिस तरह की व्यवस्था और भक्तों का उत्साह देखने को मिला, वह अत्यंत प्रेरणादायक रहा। कहीं बोल बम के नारों की गूंज थी, तो कहीं श्रद्धालुओं की लंबी कतारें। भक्तों का भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास और निष्ठा इस पावन मास को और भी विशेष बना देती है।

