India News: ओडिशा के कंधमाल जिले से सुरक्षाबलों की एक ऐसी कामयाबी की खबर आई है, जिसने माओवादी संगठन की कमर तोड़ कर रख दी है। गुरुवार को एक भीषण मुठभेड़ में जवानों ने सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी के सबसे ताकतवर और खूंखार चेहरे, गणेश उइके (69 वर्ष) को मार गिराया है। अकेले उइके के सिर पर सरकार ने 1.1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम रखा था। इस ऑपरेशन को ओडिशा पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलवाद के खिलाफ अब तक का सबसे निर्णायक प्रहार माना जा रहा है।
23 टीमों का ‘ऑपरेशन क्लीन’; जंगल में घंटों चली भीषण गोलीबारी
Odisha anti-naxal encounter:
4 naxals were eliminated, total 6 in the last 2 days. Rs 1.2-crore bounty Maoist Ganesh Uike also gunned down. pic.twitter.com/zCFKYBpBh8
— Defence Sphere (@DefenceSphere) December 25, 2025
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कंधमाल के घने जंगलों में माओवादियों का एक बड़ा समूह किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटा है। इसके बाद ओडिशा पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की 20 टीमें और सीआरपीएफ (CRPF) की 3 टीमों ने मिलकर साझा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही जवान नक्सलियों के करीब पहुँचे, माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने 4 पुरुष और 2 महिलाओं सहित कुल 6 नक्सलियों को मौके पर ही ढेर कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस खूनी जंग में सुरक्षाबलों का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ।
7 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द था गणेश उइके; मौके से बरामद हुए आधुनिक हथियार
मारे गए नक्सलियों में सबसे बड़ी पहचान गणेश उइके की हुई है, जिसे पक्का हनुमंतु और राजेश तिवारी जैसे कई उपनामों से जाना जाता था। वह मूल रूप से तेलंगाना का निवासी था और ओडिशा में प्रतिबंधित संगठन का प्रमुख चेहरा था। उसकी तलाश 7 राज्यों की पुलिस को थी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के रहने वाले क्षेत्र समिति सदस्य बारी उर्फ राकेश और अमृत भी मारे गए हैं, जिन पर 23.65 लाख का इनाम था। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने दो INSAS राइफल, एक 303 राइफल, एक रिवॉल्वर और वॉकी-टॉकी सेट जैसे आधुनिक साजो-सामान बरामद किए हैं।
नक्सली नेटवर्क को लगा बड़ा झटका; जारी है सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि गणेश उइके की मौत से माओवादी नेटवर्क को ऐसा झटका लगा है, जिससे उबरना उनके लिए नामुमकिन होगा। उइके संगठन का थिंक-टैंक माना जाता था। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और सर्च ऑपरेशन को और भी तेज कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस सफलता के बाद नक्सलियों के मनोबल में बड़ी गिरावट आएगी और क्षेत्र में शांति बहाली की प्रक्रिया और सुदृढ़ होगी।



