अपनी भाषा चुनेें :
India News: नूंह जिला एक बार फिर पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क के कारण हलचल में है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोहना कोर्ट में वकालत कर रहे अधिवक्ता रिजवान को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। यह खुलासा जिले में पहले से चल रही दो मामलों के बाद तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है।
तीसरी गिरफ्तारी, पैटर्न और भी चिंताजनक
इससे पहले मई 2025 में राजाका गांव के अरमान और कांगरका के मोहम्मद तारीफ को पकड़ा गया था। दोनों कई बार पाकिस्तान जा चुके थे और संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके केस अभी कोर्ट में चल रहे हैं, और तीसरी गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
कोर्ट में शांत और सौम्य, लेकिन पर्दे के पीछे अलग कहानी
2022 में कोविड के बाद रिजवान ने सोहना कोर्ट में वकालत शुरू की थी। शुरुआत में उसने 15 दिन एक सीनियर वकील के साथ काम किया और फिर अपना चैंबर खोल लिया। बार एसोसिएशन में उसके बारे में सभी की एक ही राय थी—शालीन, मेहनती और भरोसेमंद। किसी को अंदाजा नहीं था कि वही शख्स पाकिस्तान हैंडलरों से संपर्क में हो सकता है।
NIA की कार्रवाई से कोर्ट परिसर में सन्नाटा
मंगलवार सुबह जैसे ही खबर आई कि NIA, दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में रिजवान को हिरासत में लिया है, सोहना बार एसोसिएशन के वकील स्तब्ध रह गए। सबके चेहरे पर एक ही सवाल—क्या रोज साथ बैठने वाला वकील सच में देश के खिलाफ जासूसी कर रहा था?
डिवाइस जब्त, नेटवर्क की गहन जांच शुरू
सूत्र बताते हैं कि रिजवान लंबे समय से संवेदनशील दस्तावेज और जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसका मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिवाइस जब्त कर लिए गए हैं। एजेंसी अब उसके संपर्कों, क्लाइंट लिस्ट और संभावित नेटवर्क को खंगाल रही है। मेवात में एक साल में तीन जासूसी मामलों ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ कानून पेशे की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

