रांची: भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने एक बेहद महत्वपूर्ण मिशन की शुरुआत की है। गुरुवार को रांची के क्षेत्रीय कार्यालय में दो दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर (RTC) का उद्घाटन किया गया। यह शिविर 20 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण (NHIS) 2026 के लिए अधिकारियों और फील्ड वर्करों को प्रशिक्षित करना है।
आय का सही वितरण और विकास की नीति
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उप निदेशक आशीष कुमार ने सर्वेक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सर्वे केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की जीवन स्थितियों और उनकी आय के वास्तविक पैटर्न को समझने का एक आईना है। उन्होंने कहा, “सरकार को किसी भी जनकल्याणकारी योजना को बनाने के लिए सटीक आंकड़ों की आवश्यकता होती है। एनएचआईएस से प्राप्त डेटा हमें यह समझने में मदद करेगा कि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आय का वितरण किस तरह से हो रहा है।”
झारखंड पर विशेष ध्यान
झारखंड के संदर्भ में यह सर्वे काफी विस्तृत होने वाला है। राज्य भर में 632 प्रतिदर्शों (Samples) का चयन किया गया है, जहां सांख्यिकी विभाग की टीमें घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगी। आशीष कुमार ने स्पष्ट किया कि अंडमान और निकोबार के कुछ दुर्गम हिस्सों को छोड़कर यह अभियान पूरे देश में एक साथ चलाया जा रहा है। उन्होंने झारखंड के नागरिकों से अपील की है कि जब विभाग के कर्मचारी उनके क्षेत्र में पहुंचें, तो वे सही जानकारी देकर राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दें।
आंकड़ों की शुद्धता पर जोर
प्रशिक्षण शिविर में फील्ड अधिकारियों को बारीकी से समझाया गया कि वे कैसे अंतर-व्यक्तिगत आय की तुलना करें और आय सृजन के स्रोतों (जैसे कृषि, व्यापार या नौकरी) का सटीक विश्लेषण करें। कार्यक्रम में वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अल्वर्ट केरकेट्टा सहित कई सहायक निदेशक और विशेषज्ञ मौजूद थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डेटा के आधार पर भविष्य में गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन की बेहतर रणनीतियां तैयार की जा सकेंगी।



