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New Delhi: रोबोटिक्स की दुनिया में भारत अब एक लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। स्वदेशी रोबोटिक्स कंपनी ‘एडवर्ब टेक्नोलॉजीज’ (Addverb Technologies) ने भारत में निर्मित पहियों वाला अपना पहला ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ व्यावसायिक रूप से लॉन्च करने की घोषणा की है। खास बात यह है कि इस रोबोट को सबसे पहले भारतीय बाजार में उतारा जाएगा, जिसके बाद इसे वैश्विक स्तर पर पेश किया जाएगा।
कीमत और ग्लोबल मार्केट की रणनीति
एडवर्ब के सह-संस्थापक और सीईओ संगीत कुमार ने कंपनी की रणनीति साझा करते हुए बताया कि भारतीय रोबोट की कीमत यूरोप और जापान के मुकाबले कम, लेकिन चीन की तुलना में थोड़ी अधिक होगी। जहां चीन का एक औसत ह्यूमनॉइड रोबोट 50 से 75 लाख रुपये में उपलब्ध है, वहीं यूरोपीय और जापानी मॉडल्स की कीमत 1 से 1.5 करोड़ रुपये तक जाती है। एडवर्ब अपनी कीमत इन दोनों के बीच रखने की योजना बना रहा है।
चीन से महंगा, फिर भी भरोसेमंद क्यों?
चीन की तुलना में अधिक कीमत होने के बावजूद कंपनी को अपनी सफलता पर पूरा भरोसा है। संगीत कुमार के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र में केवल कीमत ही मायने नहीं रखती। उन्होंने डेटा सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी कई रिपोर्ट्स हैं जिनमें चीनी रोबोट द्वारा डेटा चोरी कर चीन के सर्वरों पर भेजने की बात सामने आई है। इसके विपरीत, भारतीय रोबोट दुनिया के लिए आपूर्ति का एक भरोसेमंद और सुरक्षित स्रोत साबित होगा।
विश्वसनीय कलपुर्जों का इस्तेमाल
कंपनी का दावा है कि इस रोबोट के निर्माण में जापान और यूरोप के उच्च गुणवत्ता वाले कलपुर्जों का उपयोग किया गया है, जो चीनी पुर्जों की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय और लंबे समय तक चलने वाले हैं। इसके साथ ही, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का लाभ भी भारतीय निर्माताओं को मिलेगा, जिससे अमेरिकी टैरिफ में भारी कटौती हुई है।
भविष्य की योजनाएं
इस रोबोट को विकसित करने में करीब डेढ़ साल का समय लगा है। कंपनी की योजना पहले साल में 100 यूनिट्स बनाने की है, जिससे देश के प्रमुख घरेलू ग्राहकों के बीच मांग का परीक्षण किया जा सके। एडवर्ब को उम्मीद है कि दूसरे साल तक उत्पादन 500 यूनिट और तीसरे साल तक 2,000 यूनिट तक पहुंच जाएगा।
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