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New Delhi: भारत सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक लाने जा रही है, जो भविष्य में पढ़ाई के तरीके को पूरी तरह बदल देगी। ‘यूपीआई’ (UPI) की सफलता के बाद, अब केंद्र सरकार ‘भारत बोधन AI स्टैक’ नाम से एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए देश का हर छात्र, चाहे वह गांव में हो या शहर में, विश्व स्तरीय शिक्षा अपनी पसंदीदा भाषा में प्राप्त कर सकेगा।
पसंदीदा शिक्षक की आवाज, आपकी अपनी भाषा
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘कस्टमाइज्ड’ और ‘इंटरैक्टिव’ होगा। छात्र न केवल अपनी भाषा चुन सकेंगे, बल्कि वे अपने पसंदीदा शिक्षक की आवाज और उनके पढ़ाने के अंदाज (Tone) में वीडियो या ऑडियो लेक्चर सुन पाएंगे। खास बात यह है कि भाषा बदलने पर भी शिक्षक का टोन और अंदाज नहीं बदलेगा।
12 फरवरी को ‘भारत मंडपम’ में होगा आगाज
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय इस पहल की औपचारिक शुरुआत 12 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘बोधन AI’ कार्यक्रम के जरिए करेगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि इस तकनीक का सफल परीक्षण पहले ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के दौरान किया जा चुका है, और अब इसे शिक्षा के क्षेत्र में उतारा जा रहा है।
IIT मद्रास को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के लिए IIT मद्रास में ‘आईआईटी मद्रास बोधन एआई फाउंडेशन’ नाम से एक सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। यह सेंटर ऐसे एआई समाधान विकसित करेगा जो:
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एनसीईआरटी (NCERT) और राज्य बोर्डों की पुस्तकों को AI रिपोजिटरी में शामिल करेगा।
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12वीं के छात्रों से लेकर रिसर्च स्कॉलर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों की मदद करेगा।
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थ्री-डी (3D) लैब टेस्ट और यूनिवर्सिटी स्तर की रिसर्च में भी सहायक होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह प्लेटफॉर्म चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा। अब छात्र जैसे सवाल पूछेंगे, एआई उसी के अनुसार तत्काल लेक्चर और जवाब तैयार करेगा, जिससे सीखने का अनुभव पहले से कहीं अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी हो जाएगा।
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