Patna : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सिवान जिला के पचरुखी प्रखंड स्थित पपौर ग्राम में आयोजित कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में राज्य और केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने बिहार के विकास के लिए कोई काम नहीं किया था। उस दौर में राज्य की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का पुराना और मजबूत संबंध है। 24 नवंबर 2005 से राजग सरकार बनने के बाद से बिहार के विकास की दिशा तय हुई और आज राज्य में कानून का राज कायम है।

नीतीश कुमार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सात निश्चय योजना के तहत हर घर तक बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़क पहुंचाई गई है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में युवाओं को 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का संकल्प लिया गया था, लेकिन अब तक 10 लाख सरकारी नौकरी और 39 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए जा चुके हैं। चुनाव से पहले यह आंकड़ा 50 लाख पार कर जाएगा। साथ ही, आने वाले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने नई योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन महिलाओं का रोजगार बेहतर चलेगा, उन्हें 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त मदद मिलेगी। यह योजना इसी सितम्बर से लागू हो जाएगी।

नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में नए उद्योग लगाने के लिए सरकार मुफ्त जमीन और विशेष सहायता मुहैया कराएगी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि 2024 और 2025 के केंद्रीय बजट में बिहार को सड़क, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, बाढ़ नियंत्रण, मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए बड़ी आर्थिक सहायता मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लिए गर्व की बात है कि इस वर्ष “खेलो इंडिया यूथ गेम्स” का आयोजन बिहार में किया गया। यह राज्य के खेल और युवा प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक अवसर है।

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