Bihar News: गया जिले में गुरुवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। एक ऐसा नाम, जिसे पकड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सालों से कोशिश कर रही थीं, आखिर उनके हाथ लग गया। दारा यादव उर्फ ददन यादव—जो पिछले 10 साल से फरार था—डुमरिया थाना क्षेत्र से शांतिपूर्वक उठाया गया। लंबे समय से वह पुलिस को चकमा देकर बचता रहा, लेकिन इस बार उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

गया–औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दारा की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं थी। कई दिनों से उसकी हलचल पर तकनीकी निगरानी रखी जा रही थी। खुफिया इनपुट लगातार मिल रहे थे कि वह इलाके में छिपकर रह रहा है। इसी आधार पर गया और औरंगाबाद पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन तैयार किया और सही समय पर छापेमारी कर उसे दबोच लिया।

अपहरण और हत्या में प्रमुख आरोपी

दारा यादव उन नक्सलियों में शामिल रहा है जिन पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि वह लंबे समय से नक्सली संगठन से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। डुमरिया थाना कांड में उसकी बड़ी भूमिका सामने आई है। इस मामले में एक व्यक्ति का अपहरण कर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और शव जंगल में फेंक दिया गया था। पुलिस पहले ही इसी केस में आठ नक्सलियों को पकड़ चुकी है, लेकिन दारा की गिरफ्तारी सबसे अहम मानी जा रही है क्योंकि वह इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य भूमिका में था।

पूछताछ में मिल सकते हैं कई राज

दारा को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि वह नक्सली नेटवर्क के कई छिपे पहलुओं का खुलासा कर सकता है। इसमें इलाके में सक्रिय नक्सलियों की गतिविधियां, उनके ठिकाने, सप्लाई चेन और स्थानीय संपर्क शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी बढ़त मिलेगी।

गांव में चर्चा, पुलिस में राहत

दारा की गिरफ्तारी की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। कई ग्रामीणों ने राहत की सांस ली क्योंकि लंबे समय से वह स्थानीय स्तर पर भय का माहौल बनाए हुए था। वहीं पुलिस भी इसे “लंबे समय से तलाशे जा रहे लक्ष्य” की पूर्ति मान रही है।

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