Washington, (US): अंतरिक्ष की गहराइयों में कुछ ऐसे पिंड तैर रहे हैं जिन्होंने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नींद उड़ा दी है। अक्सर हम बड़े एस्टेरॉयड्स की चर्चा करते हैं, लेकिन असली खतरा उन ‘अदृश्य’ पत्थरों में छिपा है जो खामोशी से हमारी धरती की ओर आ रहे हैं। नासा (NASA) के विशेषज्ञों ने हाल ही में एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने वैश्विक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
15,000 ‘सिटी-किलर्स’ का रहस्य
नासा की ग्रह रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, अंतरिक्ष में लगभग 15,000 ऐसे एस्टेरॉयड्स मौजूद हो सकते हैं जिनके बारे में वैज्ञानिकों के पास फिलहाल कोई सटीक जानकारी नहीं है। ये कोई साधारण पत्थर नहीं हैं, बल्कि इन्हें ‘सिटी-किलर्स’ (City-Killers) कहा जा रहा है। इनका आकार करीब 500 फीट के आसपास होता है। इनमें इतनी ऊर्जा समाहित है कि यदि ये धरती के किसी हिस्से से टकराते हैं, तो पलक झपकते ही एक पूरा महानगर राख के ढेर में तब्दील हो सकता है।
सूरज की चमक में छिप जाते हैं ये पिंड
इन एस्टेरॉयड्स का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती है। ये पिंड पृथ्वी के साथ सूर्य की परिक्रमा कुछ इस तरह करते हैं कि वे सूरज की तेज चमक के पीछे ओझल हो जाते हैं। इस कारण हमारी सबसे आधुनिक दूरबीनें भी इन्हें देख नहीं पातीं। आंकड़ों के मुताबिक, हमारे पास से गुजरने वाले करीब 25,000 मध्यम आकार के एस्टेरॉयड्स में से हमें केवल 40 फीसदी की स्थिति पता है, जबकि बाकी 60 फीसदी अंधेरे में गुम हैं।
सुरक्षा कवच की कमी और नासा की नई तैयारी
नासा इस खतरे से निपटने के लिए अगले साल ‘नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयर’ (NEO Surveyor) नामक एक विशेष अंतरिक्ष दूरबीन लॉन्च करने जा रहा है। यह टेलिस्कोप थर्मल सिग्नेचर का इस्तेमाल करेगा, जिससे अंधेरे में छिपे काले और ठंडे एस्टेरॉयड्स को भी पकड़ा जा सकेगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि वर्तमान में हमारे पास इन पिंडों को रोकने के लिए कोई पुख्ता सुरक्षा कवच नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती इन्हें समय रहते खोजने और इनका रास्ता मोड़ने की है। जब तक तकनीक पूरी तरह विकसित नहीं होती, ये 15,000 अनजान पत्थर पृथ्वी के सिर पर खतरे की तलवार की तरह लटके रहेंगे।
Read more: ब्रह्मांड का ‘डेथ स्टार’: तारे को निगलने के बाद ब्लैक होल से निकला भीषण जेट



