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New Delhi: ब्रह्मांड की गहराइयों में छिपे राज अक्सर वैज्ञानिकों को हैरान करते हैं, लेकिन हाल ही में हुई एक खोज ने खगोल विज्ञान (Astronomy) के बुनियादी सिद्धांतों पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पृथ्वी से लगभग 731 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक सफेद बौने तारे (White Dwarf Star) के चारों ओर एक चमकता हुआ नेबुला देखा गया है, जो बिल्कुल इंद्रधनुष जैसा प्रतीत होता है।
क्या है RXJ0528+2838 का रहस्य?
वैज्ञानिक भाषा में RXJ0528+2838 नाम का यह तारा आकार में पृथ्वी के बराबर है, लेकिन इसका वजन (द्रव्यमान) सूर्य जितना भारी है। खगोल विज्ञान के अनुसार, जब सूर्य जैसे तारे का ईंधन खत्म हो जाता है, तो वह सिकुड़कर सफेद बौना बन जाता है। इन्हें ‘मृत तारा’ माना जाता है क्योंकि इनमें ऊर्जा पैदा करने वाली नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रिया बंद हो चुकी होती है।
1000 साल पुराना ‘बो शॉक’ बना पहेली
हैरानी की बात यह है कि इस शांत और निष्क्रिय माने जाने वाले तारे के आसपास पिछले 1000 वर्षों से एक चमकदार घेरा बना हुआ है, जिसे ‘बो शॉक’ कहा जा रहा है।
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सामान्य थ्योरी: ऐसे तारे अधिकतम 100 वर्षों तक ही ऐसी गतिविधि दिखा सकते हैं।
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हकीकत: यहां यह प्रक्रिया 10 गुना ज्यादा समय से जारी है।
शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र या कोई अज्ञात तंत्र?
डरहम यूनिवर्सिटी और पोलैंड के निकोलस कोपरनिकस एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर के वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तारे का शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र अपने पड़ोसी तारे के पदार्थ को सीधे अपनी ओर खींच रहा है। यह खिंचाव अंतरिक्ष की धूल और गैस से टकराकर ऊर्जा पैदा कर रहा है, जिससे यह चमकदार नेबुला बन रहा है।
वैज्ञानिक क्रिस्टियन इल्केविक्ज के मुताबिक, यह किसी ऐसे अज्ञात खगोलीय तंत्र का संकेत हो सकता है जिसे समझना अभी बाकी है। इस खोज ने यह साबित कर दिया है कि जिसे हम ‘मृत’ मान लेते हैं, ब्रह्मांड में वहां भी हलचल और जीवन (ऊर्जा) की संभावना बची हो सकती है।

