Ranchi News : मुंडारी साहित्य परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को झारखंड सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री रामदास सोरेन से भेंट की और उन्हें झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) नियमावली 2025 के प्रारूप में मुंडारी भाषा को शामिल नहीं किए जाने को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि खूंटी जिला, जो मुंडारी भाषा बहुल और सघन मुंडा आबादी वाला क्षेत्र है, वहां के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है क्योंकि शिक्षक पात्रता परीक्षा के नए प्रारूप में मुंडारी भाषा को वरीयता नहीं दी गई है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि खूंटी और अन्य मुंडारी भाषी जिलों को परीक्षा में मातृभाषा के रूप में प्रतिनिधित्व दिया जाए।
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि इस समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा। उन्होंने कहा केवल खूंटी ही नहीं, बल्कि जहां-जहां मुंडारी भाषा बोली जाती है, उन सभी क्षेत्रों को शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रारूप में उचित स्थान दिया जाएगा।
मुंडारी साहित्य परिषद ने यह मुद्दा खूंटी के विधायक राम सूर्य मुंडा के समक्ष भी रखा। विधायक ने भी पूर्ण सहयोग और विधानसभा स्तर पर इस विषय को उठाने का भरोसा दिया।
इस अवसर पर परिषद के प्रमुख सदस्य डॉ. बीरेंद्र कुमार सोय, डॉ. अजीत मुंडा, डॉ. खातिर हेमरोम, जुरा होरो, बिनाघर सांडिल, लेबयान, लेखन प्रकाश मुंडा, बैजु मुंडा, दीत ओड़ेया और सोनिया सिंह आदि उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में मुंडारी भाषा को सम्मान और शिक्षा में उचित स्थान देने की पुरजोर मांग की।



