भोपाल | एजेंसी
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोटमा कस्बे में शनिवार शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बस स्टैंड के पास स्थित ‘अग्रवाल लॉज’ नाम की दशकों पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी दी कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से 4 लाख रुपये, ‘संबल योजना’ के तहत 4 लाख रुपये और रेडक्रॉस से 1 लाख रुपये (कुल 9 लाख रुपये) की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, हादसे में घायल हुए लोगों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से 2 लाख रुपये और रेडक्रॉस से 50 हजार रुपये की मदद प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरी रात चला रेस्क्यू: मलबे में अभी भी दबे हो सकते हैं लोग— यह हादसा शनिवार शाम करीब 5:30 से 5:50 बजे के बीच हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, एक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ पूरी इमारत जमींदोज हो गई और धूल का गुबार छा गया। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों और क्रेन की मदद से पूरी रात मलबे को हटाने का काम जारी रहा। रविवार सुबह तक मलबे से एक अज्ञात महिला समेत तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि मलबे में अभी भी 6 से 10 लोग दबे हो सकते हैं।
लापरवाही या हादसा? जांच के आदेश— स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लॉज के पास ही एक नया निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भरने से पुरानी इमारत की नींव कमजोर हो गई और यह भयावह हादसा हो गया। अधिकारियों ने भी इस संभावना को नकारा नहीं है और हादसे की सटीक वजह जानने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की चूक पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की है।



