India News: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा रखा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिलों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने के चलते प्रशासन ने एहतियातन कई उपमंडलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद करने के आदेश जारी किए हैं। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

चंबा जिले में बारिश जनित हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। ग्राम पंचायत चड़ी के सूताह गांव में देर रात भूस्खलन से एक मकान पर भारी पत्थर गिर गए, जिससे एक पुरुष और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई जिलों में भूस्खलन से मुख्य सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। मंडी–कुल्लू नेशनल हाइवे पर फिसलन और गिरते पत्थरों के कारण सिर्फ एकतरफा यातायात चल रहा है, जबकि पंडोह-औट मार्ग और सिरमौर जिले में एनएच-707 शिलाई–लालढांग व एनएच-305 औट–लुहरी मार्ग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।

भारी बारिश ने शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित किया। मंडी जिले के थुनाग, शिमला जिले के रोहड़ू, जुब्बल, कुमारसैन, चौपाल और सुन्नी की जलोग उपतहसील सहित कई उपमंडलों में आज सभी शिक्षण संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहे। ठियोग में भी संपर्क सड़कें अवरुद्ध होने के कारण एसडीएम ने एक दिन की छुट्टी का ऐलान किया।

डैमों से पानी छोड़ा गया, बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई डैमों का जलस्तर बढ़ गया है। कोलडैम से आज सुबह पानी छोड़ा गया, जिससे नदी का जलस्तर 4 से 5 मीटर तक बढ़ सकता है। लारजी डैम और एनजेएचपीएस नाथपा बांध से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे नदी-नालों से दूर रहें।

भूस्खलन और बारिश से तबाही का आंकड़ा बढ़ा

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, इस साल अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 119 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 34 लोग अभी भी लापता हैं। 215 लोग घायल हुए हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 21 मौतें और 27 लोग लापता हैं। कांगड़ा में 19, कुल्लू में 15, चंबा में 10, ऊना, सोलन और हमीरपुर में 9-9 तथा शिमला और बिलासपुर में 8-8 लोगों की मौत हुई है।

भारी बारिश और भूस्खलन से अब तक 377 घर, 264 दुकानें और 945 गौशालाएं पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जबकि 733 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी जिले में तबाही का आलम सबसे ज्यादा है, जहां 350 घर, 241 दुकानें और 767 गौशालाएं नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा, 21,500 पोल्ट्री पक्षी और 1,288 पालतू पशु भी बारिश की चपेट में आकर मारे गए हैं।

अगले 3 दिन और मुश्किल

मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमाचल में अगले तीन दिन मुश्किल भरे रहेंगे। आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू है। 22 जुलाई को सोलन और सिरमौर में फिर ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 23 जुलाई को ऊना और बिलासपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और अलर्ट जारी क्षेत्रों में सतर्क रहें। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को चेतावनी दी गई है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

Share.
Exit mobile version