Mumbai News: बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार कारण है उनके खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा जारी किया गया कारण बताओ नोटिस। BMC ने मलाड स्थित उनके प्रॉपर्टी में कथित तौर पर हुए अनधिकृत निर्माण को लेकर यह नोटिस भेजा है और साथ ही मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 475ए के तहत मुकदमा चलाने की चेतावनी भी दी है।

यह नोटिस 10 मई को जारी किया गया, जिसमें BMC ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती की मलाड के एरंगल क्षेत्र में स्थित प्रॉपर्टी पर ग्राउंड और मेज़ानाइन फ्लोर का निर्माण बिना मंजूरी के किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्माण में दो भूतल मेज़ानाइन स्तर की इकाइयां और तीन अस्थायी 10×10 फीट की संरचनाएं शामिल हैं। इन इकाइयों का निर्माण ईंटों की दीवारों, लकड़ी के फर्श, कांच के विभाजनों और एसी शीट से बनी छतों के जरिए किया गया है। BMC का कहना है कि ये सभी निर्माण कार्य प्राधिकृत अनुमति के बिना किए गए हैं।

नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि मिथुन चक्रवर्ती को सात दिनों के भीतर जवाब देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि यह निर्माण क्यों न हटाया जाए, इसमें परिवर्तन क्यों न किया जाए या फिर भवन को क्यों न ध्वस्त किया जाए। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निर्माण को मालिक के जोखिम और खर्च पर गिरा दिया जाएगा। साथ ही दोषी व्यक्ति पर अदालती कार्रवाई भी की जा सकती है। मुंबई मनपा अधिनियम की धारा 475ए के अनुसार, यह कृत्य दंडनीय है और इसके तहत जुर्माना या कारावास का प्रावधान है।

वहीं, इस पूरे मामले पर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह निर्माण अनधिकृत नहीं है। मुझे यह नोटिस मनपा के क्षेत्रीय अभियान के तहत भेजा गया है। यहां आसपास के सभी लोगों को नोटिस मिले हैं। हम कानूनी तरीके से इसका जवाब दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं किया है और मनपा के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है।

BMC की यह सख्ती केवल मिथुन तक सीमित नहीं है, बल्कि मलाड और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की भी जांच तेज कर दी गई है। मनपा का कहना है कि मुंबई में अनधिकृत निर्माण पर लगाम लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और नियमों की रक्षा हो सके।

इस नोटिस के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मिथुन चक्रवर्ती मनपा को क्या जवाब देते हैं और क्या उनका स्पष्टीकरण अधिकारियों को संतुष्ट कर पाएगा।

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