India News: भारतीयों का विदेशों में पलायन और वहीं स्थायी रूप से बसने का रुझान बहुत तेजी से बढ़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 के आखिर तक करीब 20 लाख भारतीय विदेश का रुख कर सकते हैं। केवल 2023 में ही जून तक 87,026 भारतियों ने अपनी नागरिकता छोड़ी थी। इसी अनुमान के मुताबिक 2025 तक 4,300 भारतीय करोड़पतियों का पलायन और करीब 20 लाख छात्रों के विदेश जाकर पढ़ाई करने की संभावना है। अब ऐसे समय में मलेशिया भारतीयों के लिए सबसे आकर्षक विकल्प बन गया है।

गगनचुंबी इमारतें लोगों कर रही आकर्षित, वीज़ा आवेदन शुल्क भी घटा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मलेशिया ने अपने वीज़ा आवेदन शुल्क को मात्र 11 हजार रुपए घटा दिया है, जिससे यह भारतीय प्रवासियों के लिए किफायती हो गया है। प्राकृतिक सुंदरता, आधुनिक शहरों और सांस्कृतिक विविधता का अनूठा मिश्रण मलेशिया को वहां लोगों को बसने योग्य बनाता है। कुआलालंपुर की गगनचुंबी इमारतें, पेनांग का सांस्कृतिक आकर्षण और सेलांगोर की प्रसिद्ध बाटू गुफाएं लोगों को आकर्षित करती हैं। मलेशिया में स्थायी निवास का दर्जा विदेशी नागरिकों को देश में बिना समय सीमा के रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अधिकार देता है। हालांकि, उन्हें स्थानीय नागरिकों की तरह मतदान का अधिकार नहीं मिलता, लेकिन शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कई लाभ मिलते हैं।

स्थाई निवास (पीआर) के लिए आवेदन करने के कई रास्ते हैं। भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स जिन्होंने मलेशिया में कम से कम पाँच साल तक वैध रूप से काम किया है, वे आवेदन कर सकते हैं। हाई नेट-वर्थ वाले निवेशकों के लिए भी यह विकल्प खुला है, बशर्ते वे मलेशियाई बैंक में करीब 17.4 करोड़ रुपए पांच साल तक जमा करके रखें। इसके अलावा विज्ञान, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी और कला जैसे खास क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवर भी पात्र हैं। भारतीय नागरिक जिन्होंने मलेशियाई नागरिकों से विवाह किया है, वे पांच साल की निरंतर निवास अवधि पूरी करने के बाद पीआर के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मलेशिया का मलेशिया मॉय सेकंड होम कार्यक्रम भी विदेशियों को 10 साल की रहने की सुविधा देता है। इसमें वित्तीय शर्तें पूरी करनी होती हैं, लेकिन यह भारतीयों के लिए स्थायी निवास की ओर एक बड़ा कदम माना जाता है। सस्ती वीज़ा फीस और अनुकूल प्रवासी नीतियों ने मलेशिया को भारतीयों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में अमेरिका और सऊदी अरब के बाद मलेशिया भारतीय प्रवासियों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है।

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