New York, (US): कला की दुनिया में कभी-कभी एक लकीर भी करोड़ों की हो सकती है, लेकिन जब वह लकीर पुनर्जागरण काल के महान कलाकार माइकल एंजेलो की हो, तो वह इतिहास रच देती है। न्यूयॉर्क के मशहूर नीलामी घर ‘क्रिस्टीज’ में हाल ही में एक छोटा सा स्केच 2.72 करोड़ डॉलर (करीब 246 करोड़ रुपए) में बिका है। यह स्केच अपनी अनुमानित कीमत से 20 गुना ज्यादा पर नीलाम होकर माइकल एंजेलो की सबसे महंगी कृति बन गई है।

एक परछाई ने दिलाई पहचान

लाल चॉक से बना यह स्केच दिखने में बहुत साधारण है—इसमें बस एक पैर दिखाया गया है जिसकी एड़ी जमीन से थोड़ी उठी हुई है। सालों तक एक ही परिवार के पास गुमनाम रहे इस स्केच की असलियत तब सामने आई जब इसके मालिक ने इसे ऑनलाइन वैल्यूएशन के लिए भेजा। विशेषज्ञों ने पाया कि यह स्केच वेटिकन स्थित सिस्टीन चैपल की छत पर बनी विश्वप्रसिद्ध पेंटिंग ‘लिबियन सिबिल’ का प्रारंभिक रेखाचित्र है।

500 साल पुरानी मास्टरपीस का हिस्सा

माइकल एंजेलो ने सिस्टीन चैपल की छत को 1508 से 1512 के बीच चित्रित किया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, ‘लिबियन सिबिल’ की आकृति में जिस तरह महिला पीछे मुड़कर किताब रख रही है, उसके पैर की मुद्रा, मुड़ी हुई उंगलियां और जमीन से उठी एड़ी बिल्कुल इस स्केच से मेल खाती है। स्केच के कोने पर माइकल एंजेलो का नाम और उनकी विशिष्ट लिखावट ने इसकी प्रामाणिकता पर मुहर लगा दी।

200 साल तक रहा गुमनाम

यह कीमती धरोहर पिछले दो सदियों से एक ही परिवार के पास सुरक्षित थी। 18वीं सदी में स्विट्जरलैंड के एक राजनयिक ने इसे हासिल किया था, जिसके बाद यह पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होता रहा। कला इतिहासकारों के लिए यह अब तक अज्ञात था, लेकिन महीनों की गहन रिसर्च के बाद इसे माइकल एंजेलो की आधिकारिक कृति मान लिया गया।

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यह नीलामी साबित करती है कि कला की दुनिया में प्रतिभा का एक छोटा सा प्रमाण भी असाधारण मूल्य रख सकता है। वह स्केच जो कभी एक पेंटिंग की तैयारी के लिए रद्दी कागज पर बनाया गया था, आज दुनिया की सबसे कीमती ड्रॉइंग्स में शुमार है।

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