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New Delhi: मणिपुर में पिछले काफी समय से जारी राजनीतिक गतिरोध अब खत्म होने की कगार पर है। राज्य में राष्ट्रपति शासन की मियाद खत्म होने से पहले बीजेपी ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी सिलसिले में मणिपुर के 20 से ज्यादा बीजेपी विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है, जो जल्द ही विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगवाएंगे।
समीकरण साधने की कोशिश: मैतेई CM और कुकी डिप्टी CM
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, राज्य में जातीय तनाव को कम करने और सभी वर्गों को साथ लाने के लिए एक विशेष फॉर्मूला तैयार किया गया है। नई सरकार में मुख्यमंत्री मैतेई समुदाय से होगा, जबकि कुकी समुदाय के किसी कद्दावर नेता को डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस कदम से दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाल करने में मदद मिलेगी।
सीएम की रेस में ये नाम सबसे आगे : एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद अब नए नेतृत्व के लिए तीन नामों की चर्चा सबसे तेज है:
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सत्यब्रत सिंह: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष।
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टीएच बिस्वजीत सिंह: पूर्व मंत्री और प्रभावशाली मैतेई नेता।
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के. गोविंद दास: वरिष्ठ नेता।
विधायकों की मांग और राष्ट्रपति शासन का अंत
मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जिसे बाद में 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। अब फरवरी 2026 में यह मियाद खत्म हो रही है। 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 37 विधायक हैं। विधायकों की मांग है कि चुनाव (2027) से पहले कम से कम एक साल के लिए सरकार का गठन किया जाए ताकि विकास कार्यों के साथ जनता के बीच जाया जा सके। हालांकि, कुछ विधायक अभी भी मणिपुर को विधानसभा के साथ ‘केंद्र शासित प्रदेश’ बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
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