Ranchi : राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उच्चस्तरीय समिति ने सोमवार को जमशेदपुर के मानगो को नया पुलिस अनुमंडल बनाने की स्वीकृति दे दी। मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव ने इस मौके पर डीजीपी को निर्देश दिया कि वे राज्य के सभी जिलों की जरूरतों का आकलन करें। उन्होंने कहा कि अपराध का ग्राफ, उसके ट्रेंड और वर्तमान संसाधनों की उपलब्धता का डेटा तैयार करना बेहद जरूरी है। इससे संसाधनों के बेहतर बंटवारे के साथ अपराध रोकथाम की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।
पूर्वी सिंहभूम जिले में पहले से ही जमशेदपुर (मुख्यालय) और पटमदा पुलिस अनुमंडल मौजूद हैं। इसके बावजूद मानगो और आसपास के क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व, क्षेत्रफल की विशालता और बढ़ते अपराधों को देखते हुए लंबे समय से नए अनुमंडल की मांग उठ रही थी। उत्क्रमित थाना मानगो एवं आजादनगर, साथ ही ओलीडीह ओपी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आर्थिक अपराध, नारकोटिक्स और अन्य गंभीर अपराधों में इजाफा हो रहा था।
गृह सचिव वंदना डाडेल ने स्पष्ट किया कि मानगो को पुलिस अनुमंडल बनाने से इन अपराधों पर नियंत्रण आसान होगा। वहीं डीजीपी अनुराग गुप्ता ने जानकारी दी कि नया अनुमंडल जमशेदपुर (मुख्यालय) और पटमदा अनुमंडल से कुछ थाने व ओपी को काटकर बनाया जाएगा। इनमें उत्क्रमित थाना मानगो, आजादनगर और ओलीडीह ओपी शामिल हैं।
इस प्रस्ताव पर वित्त सचिव प्रशांत कुमार और कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने भी अपनी सहमति जताई और संबंधित विभागीय पहलुओं को समिति के समक्ष रखा। अंततः समिति ने प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
बैठक में मुख्य सचिव के साथ-साथ राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर, ग्रामीण विकास सचिव के. श्रीनिवासन और आईजी नरेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
मानगो को नया अनुमंडल बनाने का यह निर्णय न केवल स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, बल्कि अपराध रोकथाम और विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि नए अनुमंडल की स्थापना के बाद मानगो और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की कार्यक्षमता और पहुंच पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।



