Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की सड़कें खंडहर बन चुकी हैं, विकास कार्य अधर में लटके हैं और रेलवे की सेवाएँ जनता को और परेशान कर रही हैं।

मधु कोड़ा ने चक्रधरपुर रेल मंडल की लेटलतीफ सेवाओं पर सवाल उठाते हुए डीआरएम और कोलकाता मुख्यालय के जीएम को निलंबित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत के कारण ट्रेनें घंटों देर से चल रही हैं। इसका असर आम लोगों पर पड़ रहा है—छात्र परीक्षा से वंचित हो रहे हैं, मरीज अस्पताल नहीं पहुँच पा रहे और नौकरीपेशा लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुँच पा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे इस मामले को रेल मंत्री तक पहुँचाएँगे और ज़रूरत पड़ी तो जनता को साथ लेकर आंदोलन करेंगे।

रेलवे के साथ-साथ उन्होंने जिले की सड़कों की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जताई। कोड़ा ने कहा कि चाईबासा और आसपास के प्रखंडों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। बरसात में कीचड़ और धूल से ग्रामीणों की हालत और खराब हो जाती है। कई सड़क योजनाएँ सालों से अधूरी हैं, और भ्रष्टाचार के कारण काम समय पर नहीं हो पा रहा। इसके चलते सड़क हादसे भी लगातार बढ़ रहे हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। कोड़ा ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है और बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। आदिवासी और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। अस्पतालों में डॉक्टर और दवाओं की कमी से लोग इलाज के लिए भटक रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजनाएँ सिर्फ कागजों पर हैं, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।

कोड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को अच्छी सड़कें, रोजगार, समय पर ट्रेन और सम्मानजनक जीवन चाहिए। अगर सरकारें यह सब नहीं दे पा रहीं तो जनता अब चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे और इस बार जनता भी मजबूती से उनके साथ खड़ी होगी।

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