India News: आज पूरे देश में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक मंगल पांडे की जयंती को कृतज्ञता और सम्मान के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा—
“महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। वे ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने वाले अग्रणी योद्धा थे। उनका साहस और पराक्रम देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे।”

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया—
“1857 के संग्राम के नायक, अद्वितीय योद्धा और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक मंगल पांडे जी को कोटि-कोटि नमन। उनके पराक्रम ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। हर युवा को उनके जीवन से मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए।”

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें याद करते हुए कहा—
“भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में विद्रोह का बिगुल फूंकने वाले अमर क्रांतिकारी मंगल पांडे का बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”

देशभर में श्रद्धांजलि का माहौल

सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि आम लोगों ने भी सोशल मीडिया पर मंगल पांडे को याद किया। ट्विटर और फेसबुक पर #MangalPandeyJayanti ट्रेंड करता रहा। उनके बलिदान को लेकर पूरे देश में गर्व और कृतज्ञता की लहर दिखी।

कौन थे मंगल पांडे?

मंगल पांडे को भारत की आजादी की पहली लड़ाई का अग्रदूत माना जाता है। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में सिपाही रहे पांडे ने 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में अंग्रेज अफसरों पर हमला कर विद्रोह की चिंगारी भड़काई थी। उस समय सैनिकों को एनफील्ड राइफल दी गई थी, जिसके कारतूस में गाय और सुअर की चर्बी लगी होती थी। इससे हिंदू और मुस्लिम सिपाहियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मंगल पांडे ने खुलकर विरोध किया और अफसरों पर गोलियां चलाईं।

यह घटना पूरे देश में विद्रोह की आग फैलाने वाली साबित हुई और 1857 के संग्राम की शुरुआत हुई। ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी, लेकिन उनके साहस और बलिदान ने आजादी के आंदोलन को नई दिशा दी।

अमर बलिदानी की प्रेरणा

मंगल पांडे का त्याग, साहस और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी भारतीयों के दिलों में जिंदा है। नेताओं का मानना है कि उनकी जीवनगाथा नई पीढ़ी के लिए राष्ट्रप्रेम का अमूल्य पाठ है।

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