Ranchi : झारखंड आंदोलनकारी साहित्यकार डॉ. बी.पी. केशरी के छोटे भाई एवं पिठोरिया के वरिष्ठ पत्रकार सुजीत कुमार केशरी के पिता, समाजसेवी कृष्ण कुमार केशरी  को आज उनके पैतृक गांव पिठोरिया स्थित किसान चौक श्मशान घाट में पूरे श्रद्धा-सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में गम का माहौल छाया रहा।

अंतिम यात्रा में परिजनों के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण, शुभचिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार शामिल हुए। मुखाग्नि उनके पुत्र सुधीर केशरी ने दी। लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कृष्ण कुमार केशरी का व्यक्तित्व सहज, सरल और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहने वाला था। वे समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि वे सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने वाले सजग व्यक्ति थे, जिनकी कमी लंबे समय तक खलेगी। उनके निधन से पिठोरिया और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

कृष्ण कुमार केशरी

अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी और चिकित्सक भी मौजूद रहे। कांके के विधायक सुरेश बैठा, सेंटेविटा अस्पताल रांची के निदेशक अमित साहू, झारखंड सरकार के अपर महाधिवक्ता जय प्रकाश, भाजपा नेता एवं समाजसेवी स्वामी देवेंद्र प्रकाश, डिवाइन ओंकार मिशन के सचिव राजेश नागी, विश्व सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राहुल राज, डॉ. अशोक केशरी, ई. अनूप कुमार, अमित घोष, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. संजय केशरी, पंचायती प्रतिनिधि श्रवण गोप, ग्राम प्रधान रामलगन मुंडा समेत कई प्रबुद्ध नागरिकों ने उपस्थित होकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने भी कहा कि कृष्ण कुमार केशरी ने हमेशा पत्रकारिता और समाज दोनों के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाया। उनके योगदान को याद करते हुए सभी ने उनके परिवार को सांत्वना दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

परिवार के सदस्यों के अनुसार, वे अपने पीछे तीन पुत्र और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरा समाज एक सच्चे मार्गदर्शक और सहयोगी से वंचित हो गया है।

Share.
Exit mobile version