जमशेदपुर। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के महामंत्री व यूथ इंटक के नेता राजीव पाण्डेय ने देश के समस्त श्रमिकों को सम्मान, संघर्ष और एकता का संदेश देते हुए कहा कि मजदूर दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि मेहनत और अधिकारों की आवाज़ है। यह संघर्षों की वह विरासत है जिसे मजदूरों ने अपने खून-पसीने से सींचा है। मजदूर यूनियनों ने ही वह नींव रखी जिससे आज 8 घंटे का कार्यदिवस, बोनस, ग्रेच्युटी, पीएफ और ईएसआई जैसी योजनाएं बनीं और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिली।

राजीव ने चिंता जताई कि आज देश में ऐसा विकास मॉडल थोपा जा रहा है जहाँ पूँजीपतियों को छूटें दी जा रही हैं और मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। श्रम सुधारों के नाम पर मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “यूथ इंटक का विश्वास एक ऐसे समाज में है जहाँ मजदूर सिर्फ उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का भागीदार हो। हम समानता, न्याय और गरिमा पर आधारित भारत का निर्माण चाहते हैं।”

राजीव पाण्डेय का व्यक्तिगत संघर्ष भी प्रेरणास्रोत रहा है। वे औद्योगिक शांति के समर्थक रहते हुए लगातार मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते आए हैं। उन्होंने गोविंदपुर की स्टील स्ट्रिप्स कंपनी से लेकर कोलकबेरा की मेंटलसा कंपनी तक कई स्थानों पर मजदूरों के हक में युवा क्रांति के रूप में सशक्त आंदोलन चलाया है। 

राजीव पांडेय ने यह भी घोषणा की कि मजदूरों की समस्याओं और श्रम कानूनों से जुड़ी जानकारी के लिए वे अपना मोबाइल नंबर 9279970686 सार्वजनिक कर रहे हैं। मजदूर भाई-बहन इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं या श्रम कानून संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

जब महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, तब मजदूरों की ज़िंदगी फिर एक बार संकट में है। ऐसे समय में हमें फिर से संगठन, संघर्ष और सहयोग के मार्ग पर चलना होगा। हम हर फैक्ट्री, खेत, खदान और निर्माण स्थल पर न्याय की आवाज़ बनेंगे और एक ऐसा भारत बनाएंगे जो समता, सम्मान और अधिकारों पर खड़ा हो।

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