Health News: आजकल कम उम्र की बच्चियों में जवान और ग्लोइंग दिखने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। 10 से 15 साल की कई लड़कियां कोरियन ब्यूटी ट्रेंड्स से प्रभावित होकर 10-स्टेप स्किनकेयर रूटीन अपना रही हैं। क्लेंज़र, टोनर, सीरम, फेस ऑयल और मॉइश्चराइजर जैसे महंगे प्रोडक्ट्स उनकी रोजाना की आदत बनते जा रहे हैं।
सोशल मीडिया, के-पॉप स्टार्स और कोरियन ड्रामों में दिखने वाली “ग्लास स्किन” यानी बिना पोर्स वाली चमकदार त्वचा ने नाबालिग लड़कियों को आकर्षित कर लिया है। बच्चे ऑनलाइन वीडियो देखकर प्रोडक्ट्स मंगवाने लगे हैं और दोस्तों से प्रेरित होकर महंगे सीरम और क्रीम खरीद रहे हैं। दिल्ली की एक मां ने बताया कि उनकी 12 साल की बेटी रोज स्किनकेयर करती है और महंगे प्रोडक्ट्स की डिमांड करती है।
त्वचा विशेषज्ञ इसे चिंता का विषय मानते हैं। उनका कहना है कि 10 से 15 साल की उम्र में स्किन पहले से ही नेचुरली हेल्दी और ग्लोइंग होती है। बार-बार केमिकल्स का इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे रैशेज, एलर्जी, पिग्मेंटेशन, एक्ने और समय से पहले झुर्रियां आने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस उम्र में हल्की क्लेंजिंग और सनस्क्रीन ही पर्याप्त हैं।
बड़े कॉस्मेटिक ब्रांड अब बच्चों को भी टारगेट कर रहे हैं। #GlassSkin और #KBeauty जैसे हैशटैग्स सोशल मीडिया पर नाबालिगों को आकर्षित कर रहे हैं। रंगीन पैकेजिंग और ग्लॉसी विज्ञापन बच्चों को महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि असली खूबसूरती महंगे प्रोडक्ट्स में नहीं, बल्कि प्राकृतिक देखभाल में है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नींद और सन प्रोटेक्शन ही बच्चों की त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रख सकते हैं।



