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Khunti News: खूंटी जिले में एक बार फिर प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) ने अपनी धमक सुनाई है। बुधवार की रात सदर थाना क्षेत्र के डुगड़गिया स्थित ‘मेसर्स नितेश शारदा क्रशर प्लांट’ में चार अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने जमकर उत्पात मचाया। उग्रवादियों ने न केवल प्लांट परिसर में दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की, बल्कि वहां मौजूद कर्मियों को संगठन के नाम का एक पर्चा थमाते हुए 20 लाख रुपये की लेवी (रंगदारी) की मांग की है।
राजेश यादव के नाम से धमकी भरा पत्र; लेवी न देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही खूंटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) वरुण रजक, थाना प्रभारी मोहन कुमार और सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि यह धमकी भरा पत्र पीएलएफआई के तथाकथित जोनल सदस्य राजेश यादव के नाम से जारी किया गया है। पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि अगर 20 लाख रुपये की लेवी नहीं दी गई, तो प्लांट में बड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से साक्ष्य जुटाए हैं और कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं।
संगठन विस्तार के बाद पहली बड़ी वारदात; दहशत में व्यापारी और आम लोग
गौरतलब है कि बीते 21 दिसंबर को पीएलएफआई और भारतीय जनमुक्ति मोर्चा ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राजेश यादव को खूंटी का नया जोनल सदस्य बनाने का ऐलान किया था। इस घोषणा के महज कुछ दिनों बाद ही इस फायरिंग की घटना ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है। इस वारदात के बाद से न केवल क्रशर प्लांट के कर्मियों में बल्कि आसपास के व्यापारियों और आम नागरिकों में भी भारी दहशत देखी जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस; नक्सलियों के गढ़ में सर्च ऑपरेशन तेज
SDPO वरुण रजक ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कहा है कि पुलिस इस रंगदारी और फायरिंग के मामले को गंभीरता से ले रही है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। जिले के अन्य क्रशर प्लांटों और औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस घटना के पीछे असली पीएलएफआई कैडर है या कोई स्थानीय अपराधी गिरोह संगठन के नाम का इस्तेमाल कर रहा है।

