Jharkhand News: जमशेदपुर के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित खंडामौदा स्वास्थ्य केंद्र ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर सराहनीय कार्य करते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए वहां कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) शिलबंती नाग और सहायक नर्स दाई (एएनएम) शकुंतला महतो को उपायुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दोनों स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम के लिए लगातार जमीनी स्तर पर कार्य किया। उन्होंने स्वास्थ्य जांच शिविर, आयरन सप्लीमेंटेशन, पोषण परामर्श, और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से समुदाय को एनीमिया से लड़ने के लिए शिक्षित किया।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में शुरू किया गया “एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम” का उद्देश्य संवेदनशील आयु वर्ग—जैसे महिलाएं, बच्चे और किशोर—में एनीमिया की दर को कम करना है। इस कार्यक्रम में सीएचओ और एएनएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि ये फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में न केवल प्राथमिक उपचार बल्कि पोषण जागरूकता, टीकाकरण और नियमित फॉलोअप जैसी सेवाएं भी प्रदान करते हैं।
राज्य स्तर पर “रक्त शक्ति महा अभियान” जैसे प्रयासों ने भी इस कार्यक्रम को गति देने में बड़ी भूमिका निभाई है। यह अभियान विशेष रूप से 13 से 45 वर्ष की महिलाओं और किशोरियों को लक्षित करता है, जिसमें समय पर एनीमिया की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
खंडामौदा स्वास्थ्य केंद्र की यह सफलता न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। यह सिद्ध करता है कि प्रतिबद्धता और समर्पण से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है और एनीमिया जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।



