Ranchi : कांके अंचल में जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अंचल अधिकारी (सीओ) जयकुमार राम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने एक ही जमीन की दोहरी जमाबंदी कर नियमों का उल्लंघन किया है। यह मामला पिठौरिया निवासी मुस्तफा अंसारी की शिकायत पर उजागर हुआ है।
मुस्तफा अंसारी का कहना है कि 3 अप्रैल 2025 को सीओ जयकुमार राम ने उनकी जमीन को गैरकानूनी रूप से सलीमा खातून के नाम पर दोबारा दर्ज करवा दिया। इसके साथ ही, उस जमीन पर लगान रसीद जारी करने का भी आदेश दे दिया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्य पूरी तरह निजी स्वार्थ में किया गया और सरकारी नियमों की अवहेलना की गई है।
इस गंभीर मामले को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संज्ञान लिया है। उन्होंने जांच की जिम्मेदारी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को सौंप दी है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जांच एक सप्ताह के भीतर पूरी कर डीसी को रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि विवादित जमीन पर कुछ भू-माफियाओं और दलालों ने कब्जा कर लिया है। जब जमीन के मालिकों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। मामला फिलहाल अनुमंडल न्यायालय में विचाराधीन है, जहां यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब कांके अंचल और उसके सीओ जयकुमार राम के खिलाफ शिकायतें आई हैं। पहले भी इस अंचल में कई गड़बड़ियों की बात सामने आ चुकी है। इतना ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कांके अंचल से जुड़े कुछ मामलों की जांच कर रही है।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाता है?



