रांची: भू-राजस्व मामलों में लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री अपने सख्त तेवर में नजर आए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता के काम में अड़ंगा लगाने वाले और भू-माफियाओं की गोद में बैठने वाले सरकारी कर्मियों के लिए प्रशासन में कोई जगह नहीं है।
लापरवाही पर ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन
बैठक की शुरुआत ही कड़े निर्देशों और कार्रवाई के साथ हुई। उपायुक्त ने कांके अंचल में एक जमीन पर अवैध रूप से बाउंड्री वॉल निर्माण के मामले में भारी नाराजगी जताई। शिकायतों की सत्यता और कर्तव्यहीनता को देखते हुए उन्होंने कांके के संबंधित राजस्व कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके अलावा, अनगड़ा अंचल में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के आवेदनों को 90 दिनों से अधिक समय तक बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखने पर वहां के कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
10 डिसमिल से कम के म्यूटेशन पर ‘युद्ध स्तर’ का निर्देश
छोटे भूखंडों के मालिकों को राहत देने के लिए डीसी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि 10 डिसमिल से कम के म्यूटेशन मामलों का निष्पादन ‘युद्ध स्तर’ पर किया जाए। उपायुक्त ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले जनता दरबार में कोई भी व्यक्ति 10 डिसमिल से कम के लंबित म्यूटेशन की शिकायत लेकर आता है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सीधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
म्यूटेशन रिजेक्शन की होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जांच
अक्सर देखा जाता है कि अंचल कार्यालयों में तकनीकी कमियां निकालकर म्यूटेशन आवेदनों को खारिज कर दिया जाता है। इस पर नकेल कसते हुए डीसी ने अपर समाहर्त्ता को निर्देश दिया कि वे हर अंचल से रिजेक्ट किए गए 10-10 मामलों का रैंडम चुनाव करें और उनकी गहराई से समीक्षा करें। यदि जांच में यह पाया गया कि आवेदन को जानबूझकर या गलत तरीके से खारिज किया गया है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मी के खिलाफ ‘आरोप पत्र’ गठित कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पंजी-2 में सुधार और माफियाओं से दूरी
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया कि वे पिछले दो महीनों के दौरान पंजी-2 (रजिस्टर-2) में किए गए सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी सीओ, सीआई या कर्मचारी भू-माफिया के साथ किसी भी प्रकार की सांठगांठ न रखे। उन्होंने अधिकारियों को अपने मातहत काम करने वाले कर्मचारियों पर पूर्ण नियंत्रण रखने की हिदायत दी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
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तकनीकी बाधाएं: यदि तकनीकी कारणों से म्यूटेशन रुका है, तो उसे तुरंत मुख्यालय को रिपोर्ट करें ताकि समाधान हो सके।
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आंगनवाड़ी केंद्र: आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि के चिन्हीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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मुआवजा: ‘हिट एंड रन’ और आपदा से संबंधित मामलों में पीड़ितों को मुआवजा राशि का भुगतान समय सीमा के भीतर करने को कहा गया।
इस बैठक में अपर समाहर्त्ता, विभिन्न अंचलों के सीओ, सीआई और राजस्व कर्मचारी उपस्थित थे।



