Chaibasa news: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। मुफ्फसिल थाना कांड संख्या-172/2022, दिनांक 19 नवंबर 2022 के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी सुमन गोप पर नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। इस कांड में भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) और 506 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
घटना के बाद चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमन गोप को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित किया, जिसमें पीड़िता का बयान, चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने सशक्त आरोप पत्र माननीय न्यायालय में समर्पित किया, जिसके आधार पर मामले का विचारण प्रारंभ हुआ।
यह मामला पोक्सो केस संख्या-02/2023 के रूप में अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत में चल रहा था। गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय संतोष आनंद की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 376(1) के तहत 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।



