Jharkhand News: पूर्वी सिंहभूम जिले जमशेदपुर में अब किसी भी नवजात शिशु के जन्म के बाद उसके जन्म प्रमाण पत्र के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में बुधवार से यह नई व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिसके तहत शिशु के जन्म के तुरंत बाद ही डिस्चार्ज से पहले मां को जन्म प्रमाण पत्र सौंप दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य बर्थ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है, जिससे नवजात बच्चों का समय पर पंजीकरण हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। जन्म प्रमाण पत्र आज के समय में एक प्रामाणिक पहचान दस्तावेज है, जो स्कूल एडमिशन, आधार कार्ड, पासपोर्ट समेत कई जरूरी प्रक्रियाओं में जरूरी होता है।
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने बताया कि यह व्यवस्था केवल दस्तावेज़ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों की रक्षा और सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रमाण पत्र बनने में अक्सर होने वाले विलंब और भागदौड़ को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अस्पताल प्रबंधन और नगर निकायों—जैसे नगर निगम और नगर परिषदों के बीच समन्वय बनाकर यह प्रक्रिया ऑन-स्पॉट पूरी की जा रही है। जिन माताओं के पास आवश्यक दस्तावेज़ नहीं होते हैं, उनके लिए स्थल पर ही सहयोग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रशासन का यह कदम जनहित में है और उम्मीद की जा रही है कि अन्य जिलों में भी इस मॉडल को अपनाया जाएगा।



